बदायूं: छात्राओं से किया भेदभाव, समाप्त हो गई वार्डन की संविदा
स्कूल में भ्रष्टाचार करने और बच्चों व शिक्षकों से भेदभाव हैं आरोप
बदायूं, अमृत विचार। जगत ब्लॉक के कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूल की वार्डेन रेनू यादव की संविदा समाप्त कर दी गई। उन पर भ्रष्टाचार के तहत 13 हजार से अधिक गबन करने का आरोप है। इसके साथ ही उनके द्वारा छात्राओं और शिक्षकों के साथ भेदभाव पूर्ण रवैया अपनाया जा रहा था। जिसकी डीएम से हुई शिकायत के बाद जांच कराई। जांच में सत्यता पाए जाने पर बीएसए ने कार्रवाई की है।
कस्बा सखानू निवासी सोमपाल पुत्र वीरपाल राठौर ने डीएम को बॉ स्कूल में वार्डेन द्वारा किए जा रहे भ्रष्टाचार को लेकर शिकायत की गई थी। जिसे गंभीरता से लेते हुए डीएम मनोज कुमार ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर जांच कराई। जांच में पता चला कि स्कूल निर्माण के लिए आईं ईटों को वार्डन रेनू यादव ने एक तांगे में लेकर उन्हें बेच दिया।
जांच कर्ताओं को छात्राओं ने बताया कि वार्डेन उन्हें भूखा रखतीं थी। पेटभरकर खाना नहीं दिया जाता है। वार्डेन अपने के लिए अलग से खाना बनवातीं थीं। छात्राओं ने बताया कि स्कूल स्टॉफ के साथ उनसे बाजार से सब्जी मंगाई जाती थी। इसके अलावा सफाई कर्मचारी होने के बाद भी स्कूल कक्षों और बाथरूम की सफाई भी कराई जाती थी। जांच में पाया गया कि वार्डेन द्वारा स्कूल का बहुत सा सामान चोरी कर लिया गया।
जांच अधिकारियों द्वारा वार्डेन पर 13 हजार 3 सौ 13 रुपये का गबन दिखाते हुए उनकी संविदा समाप्त करने की संस्तुति करते हुए डीएम को जांच रिपोर्ट सौंप दी। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद डीएम ने बीएसए को वार्डेन रेनू यादव की संविदा समाप्त करने के आदेश कर दिये। डीएम के आदेश पर कार्रवाई करते हुए बीएसए ने वार्डेन की संविदा समाप्त कर दी।
जगत कस्तूरबा स्कूल की वार्डेन द्वारा वहां भ्रष्टाचार किया जा रहा था। छात्राओं और शिक्षकों के प्रति उनका रवैया भी ठीक नहीं था। जांच में इसकी पुष्टि हुई है। उनकी संविदा समाप्त कर दी गई है- स्वाती भारती, बीएसए।
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