बरेली: जिले में बढ़ रहा डिप्थिरिया का प्रकोप

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बरेली,अमृत विचार। जिले में कोरोना संक्रमण के साथ ही डिप्थीरिया रोग भी पैर पसारने लगा है। फरीदपुर के सब्दलपुर में करीब बीस दिनों में तीन बच्चों की डिप्थीरिया से मौत हो चुकी है। यह रोग आसपास के गांवों में भी तेजी से फैलता जा रहा है। इस रोग से पीड़ित करीब आधा दर्जन बच्चे जिला …

बरेली,अमृत विचार। जिले में कोरोना संक्रमण के साथ ही डिप्थीरिया रोग भी पैर पसारने लगा है। फरीदपुर के सब्दलपुर में करीब बीस दिनों में तीन बच्चों की डिप्थीरिया से मौत हो चुकी है। यह रोग आसपास के गांवों में भी तेजी से फैलता जा रहा है। इस रोग से पीड़ित करीब आधा दर्जन बच्चे जिला अस्पताल में भर्ती हैं। वहीं, फरीदपुर सीएचसी से तीन बच्चे स्वस्थ हो चुके हैं।

जिला अस्पताल के नाक कान और गला विशेषज्ञ डा. एल के सक्सेना ने बताया कि डिप्थीरिया एक गंभीर बैक्टीरियल संक्रमण होता है, जो नाक और गले की श्लेष्मा झिल्ली को प्रभावित करता है। डिप्थीरिया आसानी से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है, लेकिन दवाएं लेने से इससे बचा जा सकता है।

डिप्थीरिया के लक्षण
जब कोई व्यक्ति छींकता या खांसता है, तो हवा में कीटाणुओं से संक्रमित पानी की छोटी बूंदें फ़ैल जाती हैं और आस-पास मौजूद लोग इन्हें सांस से शरीर के अंदर ले लेते हैं। डिप्थीरिया सबसे ज़्यादा इसी तरीके से फैलता है, खासकर भीड़ वाली जगहों में। कभी-कभी संक्रमित व्यक्ति द्वारा इस्तेमाल की गई वस्तुओं को छूने से या उनके झूठे बर्तन में खाने व पीने से डिप्थीरिया फैल सकता है।

जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. आर.एन सिंह ने बताया कि इस साल अभी तक 16 डिप्थीरिया के मरीज मिले हैं। सर्वेक्षण के दौरान पता लगा कि सब्दलपुर गांव के मृतक तीनों ही बच्चे 5 साल के ऊपर के थे। वहां आसपास टीकाकरण कराया जा रहा है। अब तक जिले में 93% वैक्सीनेशन पूरा हो चुका है । 2019 में 22 केस डिप्थीरिया के सामने आए थे। बच्चों को डिप्थीरिया से प्रतिरक्षा के लिए डेढ़ माह, ढाई माह, साढ़े तीन माह, 16 से 24 माह पर पहला बूस्टर, दूसरा बूस्टर 5 साल पर, 10 साल पर टीडी, आखरी टीका 16 साल की उम्र में लगाया जाता है।

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