गोंडा: बीएसए का फर्जी आदेश लगाकर एडीएम खाते से ट्रांसफर किए ₹1.83 लाख

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कंपोजिट स्कूल बड़नापुर के एमडीएम खाते से तीन अलग अलग स्कूलों के एसएमसी खाते में ट्रांसफर की गयी धनराशि

गोंडा, अमृत विचार। जिले के बेसिक शिक्षा विभाग में एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। बीएसए का फर्जी आदेश लगाकर बेलसर के कंपोजिट स्कूल बड़नापुर के एमडीएम खाते से 1.83 लाख रुपये इसी ब्लाक के तीन अलग अलग स्कूलों के विद्यालय प्रबंध समिति के खाते में ट्रांसफर कर लिए गए और उसे निकालकर हड़प कर लिया गया। मामले का खुलासा होने पर पूरे विभाग में खलबली मची है‌। बीएसए ने अपने पत्र को फर्जी बताया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। 

वर्ष 2022 में बेलसर के कंपोजिट स्कूल बड़नापुर के एमडीएम खाते में 4.40 लाख रुपये जमा थे। 28 फरवरी 2022 को इस खाते से 1.83 लाख रुपये इसी ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय पूरे पूरब के एमडीएम खाते में 33363 रुपये तथा विद्यालय प्रबंध समिति के खाते में 50 हजार रुपये, प्राथमिक विद्यालय पूरे पश्चिम के विद्यालय प्रबंध समिति के खाते में 50 हजार रुपये व उच्च प्राथमिक विद्यालय पूरे कलहंस के विद्यालय प्रबंध समिति के खाते में 50 हजार रुपये ट्रांसफर करा लिया गया।

रुपये ट्रांसफर कराने के लिए बीएसए कार्यालय की तरफ से एक आदेश भी जारी करा लिया गया। इस आदेश पर तत्कालीन बीएसए रहे राम प्रताप सिंह के हस्ताक्षर हैं, लेकिन इस आदेश का कार्यालय के किसी भी रजिस्टर में इंट्री नही करायी गयी। बैंक के शाखा प्रबंधक का कहना है कि बीएसए कार्यालय के तरफ से जारी किए गए पत्र में कंपोजिट विद्यालय बड़नापुर में त्रुटिवश धनराशि भेजे जाने का जिक्र करते हुए इसे संबंधित स्कूलों के विद्यालय प्रबंध समिति के खाते में ट्रांसफर किए जाने का आदेश दिया गया था‌। इस आदेश के क्रम में रुपये दूसरे स्कूलों के खाते में ट्रांसफर कर दिए गए।

डीसी एमडीएम गणेश गुप्ता से जब त्रुटिवश बड़नापुर के एमडीएम खाते में धनराशि भेजने को लेकर सवाल किया गया तो उन्होने कहा कि कोई भी धनराशि त्रुटिवश नहीं भेजी गयी है। न ही इस तरह कि किसी आदेश पर उन्होने हस्ताक्षर ही बनाया है। इस फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद पूरे महकमें में हड़कंप मचा है‌। बीएसए ने पूरे मामले की जांच कराए जाने की बात कही है। 

डिस्पैच रजिस्टर में नहीं मिला आदेश का ब्योरा 
बीएसए कार्यालय के तरफ से जो भी आदेश निर्देश का पत्र जारी किया जाता है वह पहले कार्यालय के डिस्पैच रजिस्टर पर दर्ज होता है। ताकि यह जानकारी में रहे कि कब कौन सा आदेश किया गया है और किसे भेजा गया है। ऐसे में इस आदेश का जिक्र भी डिस्पैच रजिस्टर में होना चाहिए था लेकिन बीएसए की पड़ताल में इस आदेश का ब्योरा डिस्पैच रजिस्टर में नहीं मिला। 

एमडीएम खाते से एसएमसी खाते में नहीं भेजा जा सकता है पैसा
विभागीय लोगों की माने तो नियमों के मुताबिक मध्यान्ह भोजन के बैंक खाते में जमा धनराशि किसी अन्य खाते में नहीं ट्रांसफर की जा सकती। लेकिन यहां नियमों को ताक पर रखकर एमडीएम खाते की धनराशि विद्यालय प्रबंध समिति के खाते में ट्रांसफर कर दी गयी। एमडीएम जिला समन्वयक गणेश गुप्ता ने भी इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि मध्यान्ह भोजन की धनराशि को दूसरे मद में नहीं इस्तेमाल किया जा सकता है। 

कंपोजिट विद्यालय बड़नापुर के एमडीएम खाते से 1.83 लाख रुपये की धनराशि तीन अलग अलग स्कूलों के एसएमसी खाते में ट्रांसफर कराए जाने की जानकारी मिली है। धनराशि ट्रांसफर के लिए जिस पत्र का इस्तेमाल किया गया है उसका विवरण डिस्पैच रजिस्टर पर नहीं मिला है। मामले की जांच करायी जायेगी..., प्रेमचंद यादव, बीएसए।

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