बहराइच: स्त्री शिक्षा के लिए सावित्रीबाई फुले ने जगाई अलख, मनाई गई जयंती
बहराइच, अमृत विचार। प्रगतिशील विश्व मौर्य परिषद अखंड भारत जिला इकाई के तत्वाधान में महसी तहसील के खर्चाहा चौराहा पर महिलाओं को शिक्षा, सम्मान और स्वाभिमान से जीने की लड़ाई लड़ने वाले, अखंड भारत देश की प्रथम शिक्षिका माता सावित्रीबाई फुले की जयंती मनाई गई।

कार्यक्रम को संगठन के जिलाध्यक्ष आशीष कुमार मौर्य ने संबोधित करते हुए कहा कि भारत की प्रथम शिक्षिका माता सावित्री बाई फुले, एक क्रांति, चिंगारी थी,जिन्होंने उस समय के भारतीय समाज में स्त्री शिक्षा के लिए पूरे साहस, धैर्य और त्याग के साथ संघर्ष किया, जब पूरा समाज स्त्री शिक्षा का विरोधी था। उस समय में महिलाओं के लिए विद्यालय खोलकर शिक्षित कर रही थी। आज हमारे पास संविधान,शिक्षा व अन्य संसाधन है फिर भी हम समाज मे फैली अनेकों कुप्रथाओं, समस्याओं और अंधविश्वास से ठीक से लड़ नहीं पा रहे है।
प्रदेश प्रवक्ता अजय मौर्य नें कहा कि हम लोग शपथ ले की माता सावित्री बाई फुले से प्रेरणा लेकर उसी साहस, धैर्य और उत्साह से अन्याय,अंधविश्वास और कुप्रथाओं के खिलाफ लड़ाई लड़ेंगे। इस मौके पर जिला कोषाध्यक्ष पवन कुमार मौर्य, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष संत कुमार मौर्य, सदानंद बौद्ध, सलमान, सरोज मौर्या, सहदेव रावत, शंकर बाबू मौर्य, मनीष रावत,शकील अहमद,विजय कुमार बौद्ध, रामरती रावत आदि कई लोग मौजूद रहे।
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