संतकबीर नगर: घरे कोहरे और बर्फीली हवाओं से जन जीवन बेहाल, हेडलाइट जलाकर चल रहे वाहन
संत कबीर नगर। घने कोहरे और बर्फीली हवाओं ने जन जीवन अस्त-व्यस्त करके रख दिया है। भारी गलन के चलते लोग घरों में दुबके रहने को मजबूर हैं। बुधवार की सुबह घने कोहरे के चलते दृश्यता महज 30 मीटर के आसपास आंकी गई। जिसके चलते सड़कों पर वाहन रेंगते दिखे। दिन में 10 बजे तक लोग वाहनों की हेडलाइटें जलाकर चलने को मजबूर दिखे।
दोपहर 12 बजे के आसपास खिली हल्की धूप ने लोगों को कुछ राहत दिया। लेकिन धूप इतनी कमजोर रही कि उसका कोई खास असर नहीं रहा। जैसे जैसे दिन ढलता गया ठंड का प्रकोप भी बढ़ता गया। आलम यह रहा कि सांझ ढलते ही लोग घरों में कैद होने को मजबूर हो गए।

ठंड के बचाने का प्रशासनिक इंतजाम नाकाफी
संतकबीरनगर। नागरिकों को ठंड से बचाने का प्रशासनिक इंतजाम नाकाफी साबित हो रहा है। गरीबों में वितरित करने के लिए शासन से जिले को 4700 कम्बल मिले थे। एक एक हजार कम्बल तीनों तहसीलों को सौंप दिये गए। हल्का लेखपाल गरीबों की तलाश कर उन कम्बलों का वितरण कराने में जुटे हैं। एक एक तहसील में 4 लाख से अधिक की आबादी है। इतने लोगों की भीड़ में एक हजार गरीबों को तलाशने में लेखपालों को पसीने छूट रहे हैं।
शायद ही कोई गांव होगा जहां 20 से 25 गरीब न मिलें। ऐसे में लेखपालों के सामने भी समस्या है कि वे एक हजार कम्बलों को किसे सौंपें। नाम न छापने की शर्त पर एक लेखपाल ने बताया कि हर तहसील में कम से कम पांच हजार कम्बलों की आवश्यकता है। एक हजार कम्बल मिले हैं तो इस बात की तलाश कराई जा रही है कि हर गांव में दो से चार बेहद गरीब लोगों तक कम्बल पहुंचा दिये जायं। उन्होंने कहा कि इसमें भी प्रभावशाली लोग अपने चहेतों को वरीयता के आधार पर कंबल दिलाने में जुटे हैं।
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