हल्द्वानी: सुबूत पर पुलिस की जगह एसडीएम के साइन, बरी हो गया आरोपी

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Edited By Amrit Vichar
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हल्द्वानी, अमृत विचार। जिसे शराब तस्कर बता कर पुलिस ने गिरफ्तार किया, उसे कोर्ट ने बरी कर दिया। जिस सुबूत के आधार पर पुलिस आरोपी पर आरोप सिद्ध करना चाहती थी उस सुबूत पर पुलिस की जगह एसडीएम के साइन निकले और वो भी फर्जी।

वर्ष 2020 में चोरगलिया पुलिस और आबकारी विभाग की टीम ने मूलरूप से मझगांव बनबसा चम्पावत और बसंतपुर किशनपुर गौलापार के हाल निवासी सोनू राम पुत्र गोपाल राम को गिरफ्तार किया था। आरोप था कि सोनू को कच्ची शराब बेचते वक्त 53 पाउच के साथ गिरफ्तार किया गया।

पुलिस ने इसका नमूना सुबूत के तौर पर सील किया। सोनू की ओर से पैरवी करने वाले अधिवक्ता राजन सिंह मेहरा ने बताया कि नियम के तहत इस नमूने पर आरोपी, गिरफ्तारी करने वाले और फिर जिस जज के सामने पेश किया जाता है उसके साइन होते हैं, लेकिन मामले में जब पुलिस इस सुबूत को न्यायालय द्वितीय अपर सिविल जज अलका के समक्ष पेश किया तो उस पर आरोपी, गिरफ्तारी करने और जज के बजाय एसडीएम के हस्ताक्षर थे। इस संदेह के आधार पर न्यायालय ने सोनू को बरी कर दिया। बता दें कि इस मामले में पुलिस ने सोनू पर आबकारी अधिनियम के तहत केस दर्ज करने के बाद गुंडा एक्ट भी लगा दिया था। 

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