बरेली: दूसरे राज्यों से सब्जियों की आवक अब भी नहीं, फिर भी गिरे भाव

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Edited By Amrit Vichar
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लोकल आवक बढ़ने से मिली राहत, आज पूरी तरह सामान्य हो सकते हैं हालात

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बरेली, अमृत विचार: ट्रक चालकों की हड़ताल खत्म होने के एलान के बाद भी बुधवार को दूसरे राज्यों से सब्जियों का आवक सामान्य नहीं हो सकी। हालांकि इसके बावजूद हड़ताल लंबी खिंचने की आशंका में सब्जियों के भाव में एकाएक जो तेज उछाल आया था, वह कुछ हद तक नीचे आ गया।

ट्रकों की हड़ताल के दौरान दिल्ली की आजादपुर मंडी समेत दूसरे राज्यों से सब्जियों की आवक बंद हो गई थी। ग्रामीण इलाकों से भी सब्जियों की सप्लाई डेलापीर मंडी तक नहीं पहुंच पाईं। इस बीच सब्जी कारोबारियों ने हड़ताल का भी फायदा उठाया जिसकी वजह से आलू-प्याज, मटर, टमाटर जैसी सब्जियों पर 30 से 50 फीसदी तक भाव बढ़ गए थे। इससे लोगों में हाहाकार मचना शुरू हो गया था।

बार से सब्जियों की आवक तो बुधवार को भी सामान्य नहीं हो पाई लेकिन हड़ताल खत्म होने के साथ जिले के ग्रामीण इलाकों से सब्जियां डेलापीर मंडी पहुंचनी शुरू हो गईं जिसकी वजह से एकाएक बढ़े भाव कुछ नीचे आ गए। वेजिटेबल एंड फ्रूट ट्रेडर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष शुजाउर्रहमान ने बताया कि हड़ताल की वजह से दूसरे राज्यों से मटर, करेला, प्याज, मूली, मेथी जैसी सब्जियां न पहुंचने से थोक मंडी में ही दाम 20 फीसदी तक बढ़ गए थे। अब जिले के गांवों से आवक शुरू हो गई है।

मटर, टमाटर, गोभी और आलू समेत सभी सब्जियों में गिरावट
डेलापीर मंडी में सब्जियों से लदी 125 से ज्यादा गाड़ियां रोज आती हैं। हड़ताल के दौरान बमुश्किल 30 गाड़ियां ही आ पाईं। लोकल आवक भी पूरी तरह ठप हो गई। मंगलवार को थोक मंडी में मटर 25 रुपये बिकी थी जो बुधवार को 16 रुपये पर आ गई। टमाटर 12 से 10 रुपये किलो, गोभी और आलू 10 रुपये किलो बिका था। इसमें भी गिरावट आ गई। प्याज के रेट में कोई अंतर नहीं दिखा। मंगलवार को प्याज 25 रुपये किलो था। बुधवार को भी इसी रेट में बिका।

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