संभल: जेसीबी और ट्रैक्टर मार्च निकाल कर तहसील पहुंचे किसान
भाकियू अराजनैतिक के बैनर तले मंडी समिति किसान भवन से तहसील तक किया मार्च, किसानों की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा
संभल/चन्दौसी, अमृत विचार। भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को बड़ी संख्या किसानों संग किसानों की समस्याओं को लेकर जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रालियों से मार्च किया। मंडी समिति स्थित किसान भवन से तहसील मुख्यालय तक मार्च किया। वहां उप जिलाधिकारी की गैरमौजूदगी में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा और समस्याओं के शीघ्र निराकरण की मांग की।

भाकियू अराजनैतिक के पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं के साथ किसान दोपहर 12 बजे मंडी समिति किसान भवन पर एकत्र हुए। जहां से जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रालियों से नारेबाजी करते हुए तहसील मुख्यालय पहुंचे। जहां मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार धीरेंद्र सिंह को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से कहा कि छुट्टा पशुओं से किसानों की फसलों को बहुत नुकसान हो रहा है। ठंड में भी किसान दिन रात रखवाली कर छुट्टा पशुओं से अपनी फसलों को बचा रहा है। सरकार के काफी प्रयास के बावजूद जनपद के अधिकारियों ने अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।
जिससे किसानों की फसलों को सुरक्षित किया जा सके। इसके अलावा जनपद में किसानों को यूरिया लेने पर नैनो यूरिया तथा जिंक साथ में जबरन दिया जा रहा है। अगर किसान जिंक या नैनो यूरिया साथ मे लेने से इंकार करता है तो उसको यूरिया की बोरी पर 20 से 30 रुपये ज्यादा दिया जा रहा है। इतना ही नहीं दुकानों पर भी जिंक व नैनो यूरिया दिया जा रहा है। किसान विरोध करता है तो दुकानदार कहते हैं कि उन पर दवाब है। वहीं उत्तर प्रदेश में गन्ने का सीजन दो महीने बीत जाने के बाद भी किसान को अपने गन्ने की कीमत नहीं पता है।
प्राकृतिक आपदा एवं बीमारी के कारण उत्तर प्रदेश में इस गन्ने का उत्पादन बहुत कम होता है। चीनी मिल एवं कोल्हू/केसर आवक के समय पुनः 400 रुपये प्रति क्विंटल गन्ना बिक रहा है। प्रदेश सरकार गन्ने की कीमत बढ़ाएगी तो पिछले एक दशक की तरह उद्योग को इससे लाभ मिलेगा। 25 अक्टूबर को लखनऊ में मुख्यमंत्री को किसान यूनियन द्वारा आश्वासन दिया गया कि गन्ना मूल्य में वृद्धि की जायेगी। जल्दी ही गन्ना मूल्य घोषित किया जाए। इस अवसर पर प्रदेश प्रवक्ता कौशल क्रांतिकारी, मंडल अध्यक्ष संजीव यादव, युवा जिलाध्यक्ष कुंवरपाल यादव, नबाब सिंह यादव, रामनिवास यादव, रौदाश यादव, भगवान सिंह, नीरेश यादव, बिजेंद्र यादव, राजू यादव, नितिन यादव, इच्छाराम प्रधान, दिलशाद प्रधान, जरीश, बॉबी कुमार, वीरपाल यादव, विजेंद्र पासी, नेम सिंह प्रधान, रामचन्द्र यादव जिलाध्यक्ष बदायूं, उमेश यादव समेत तमाम किसान थे।
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