शाहजहांपुर: पुलिस की रडार पर पूर्व समाज कल्याण अधिकारी, कभी भी हो सकती है गिरफ्तारी
शाहजहांपुर, अमृत विचार। ढाई करोड़ के वृद्धावस्था पेंशन घोटाले में पूर्व जिला समाज कल्याण अधिकारी राजेश कुमार पुलिस के रडार में पर गया है। पुलिस गांव से लेकर नाते-रिश्तेदारी और दोस्तों तक के यहां उन्हें ढूढ रही है। घोटाले में मोस्ट वांटेड अधिकारी कभी भी पुलिस के शिकंजे में आ सकते हैं।
घोटाले की विवेचना पहले सदर पुलिस कर रही थी, लेकिन बाद में एसपी ने अपराध शाखा को मामला ट्रांसफर कर दिया था। अपराध शाखा ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जबकि राजेश कुमार की तलाश को प्रयास शुरू किए। पुलिस की एक टीम ने पहले सीतापुर में निलंबित समाज कल्याण अधिकारी को तलाश किया। जहां से मऊ के मोहम्मदाबाद का सुराग लगा। हालांकि वह वहां भी नहीं मिला।
अब पुलिस की एक टीम ने आरोपी राजेश व एक अन्य को रडार पर लिया है। संभावना हैं कि जल्द ही उनकी गिरफ्तारी हो सकती है। दूसरी ओर मामले में अभी कई और नाम सामने आ सकते हैं। पुलिस ने गहना से जांच शुरू कर दी है। पुलिस विभाग के सूत्र बताते हैं कि पूर्व समाज कल्याण अधिकारी के विषय में पता चला था कि वह राहत पाने के लिए कोर्ट की शरण में जा सकता है। इस लिहाज से भी उसकी तलाश की जा रही है। उससे संबंधित सभी लोगों की सर्विलांस की जा रही है। जल्द ही आरोपी के पकड़े जाने की उम्मीद है।
अब तक एक की हुई गिरफ्तारी
ढाई करोड़ के वृद्धावस्था पेंशन घोटाले में क्राइम ब्रांच के जाल में अब तक एक छोटी मछली फंसी है। गबन में बिचौलिए की भूमिका निभाने वाले एक आरोपी को जेल भेजा गया है। खेल के बड़े खिलाड़ी अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। केस दर्ज हुए लगभग साढ़े चार महीने का समय हो गया है। अब देखने वाली बात यह होगी कि आखिर कब बड़े खिलाड़ी क्राइम ब्रांच के जाल में फंसते हैं।
वृद्धावस्था पेंशन घोटाले में धोखाधड़ी की एफआईआर शुरुआत में सिर्फ चर्चा बनकर रह गई थी। घोटाला सामने आने के लगभग पांच महीने बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं की गई थी। केस दर्ज न होने के चलते तमाम सवाल उठ रहे थे। कहा जा रहा था कि आखिर कार्रवाई आगे क्यों नहीं बढ़ पा रही है, क्यों प्रकरण को एफआईआर के योग्य नहीं समझा जा रहा है। जबकि यह सीधे तौर पर फ्रॉड का मामला है और दस्तावेजी प्रमाण मौजूद हैं। इसके बाद अधिकारियों ने प्रकरण में एफआईआर दर्ज कराने का फैसला लिया था।
जन सेवा केंद्र वाले जांच के केंद्र में
जिले के बड़े घोटालों में शुमार वृद्धावस्था पेंशन घोटाले में आरोपियों की संख्या सैकड़ों में हो सकती है। क्योंकि नौ लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज हुई है। बीते दिनों पकड़े गए आरोपी रामौतार ने तीन अन्य लोगों के नाम बताए हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार केस में सबसे ज्यादा आरोपी जन सेवा केंद्र वाले बनेंगे क्योंकि यह पूरा खेल इन्हीं की भूमिका पर आधारित था। अगर जन सेवा केंद्र वाले भोले-भाले लोगों के आधार और बैंक खाते की डिटेल लेकर अंगूठा लगवाकर पैसे न निकालते तो शायद यह घोटाला होता ही नहीं। गलत खातों में भेजा गया पैसा जन सेवा केंद्रों के माध्यम से ही निकाल कर बंदरबांट किया गया।
पुलिस की टीमें पूर्व समाज कल्याण अधिकारी समेत अन्य सभी आरोपियों की तलाश कर रही हैं। हमारा प्रयास है कि जल्द सभी आरोपी सलाखों के पीछे हों। -बीएस वीर कुमार, सीओ सिटी
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