लखनऊ : हिन्दू और मुसलमान दोनों के लिए शुभ है यह जीव, गंगा-जमुनी तहजीब की बनी मिसाल
लखनऊ, अमृत विचार। हिन्दू और मुसलमान दोनों ही समुदायों के लोग एक जीव को बहुत ही शुभ मानते हैं। यह जीव मछली है जिसे हिन्दू और मुसलमान दोनों ही शुभ मानते हैं। इतना ही नहीं उत्तर प्रदेश सरकार भी इस जीव के निशान को प्रतीक चिन्ह के रूप में इस्तेमाल करती है। यूपी सरकार के प्रतीक चिन्ह में दो मछलियों का चित्रण हैं।
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— amrit vichar (@amritvicharlko) January 10, 2024
इतिहासकार नवाब मसूद अब्दुल्ला के मुताबिक अवध के नवाब सआदत खां साल 1722 में लखनऊ आ रहे थे। वह सरयू के रास्ते लखनऊ की तरफ बढ़ रहे थे। जब वह नाव में बैठे थे, उस दौरान सरयू नदी से मछली निकलकर नवाब सआदत खां की गोद में गिरी। उन्होंने उसी समय से शुभ संकेत मानते हुये इसे अपना प्रतीक चिन्ह बना लिया। नवाब मसूद अब्दुल्ला की माने तो ऐसा नहीं है कि उस समय से ही मुसलमानों में मछली को शुभ माना जाना शुरू हुआ। दरअसल नवाब सआदत खां ईरानी मूल के थे और ईरान में मछली को शुभ हमेशा से माना जाता रहा है। यही कारण है कि मछली के गोद में गिरते ही नवाब सआदत खां ने इसे शुभ संकेत माना। साल 1722 के बाद अवध के नवाब ने मछली के चित्रण का प्रतीक चिन्ह इमामबाड़े में बनवाये। आज यूपी सरकार के लोगो यानी की प्रतीक चिन्ह में दो मछलियों का चित्रण दिखाई देता है।
जोड़े में दिखाई पड़ती हैं मछलियां
इतिहासकार नवाब मसूद अब्दुल्ला ने बताया कि ऐतिहासिक इमारते हो या मंदिर हर जगह जोड़े में मछलियों के प्रतीक चिन्ह दिखाई देते हैं। खास बात यह है कि प्रतीक चिन्ह हो या इमारत में बना चित्रण हर जगह दो मछलियां दिखाई पड़ेंगी, कहीं पर भी सिंगल मछली नहीं दिखाई पड़ेगी। लखनऊ में जितनी भी ऐतिहासिक इमारतें हैं, हर जगह मछली का चित्रण दिखाई पड़ेगा। मछली हिन्दू और मुसलमान दोनों समुदाय के लोगों के लिए शुभ है। मुसलमानों के यहां जब कोई आता है तो दही और मछली का नाम लिया जाता है। हिन्दूओं में भी मछली को शुभ माना जाता है। शादी ब्याह में मछली के प्रतीक का इस्तेमाल होता है। कई जगहों पर तो शादी के दौरान विभिन्न धातुओं की बनी मछली को टांगा जाता है।
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