मथुरा और काशी के लिए भी करेंगे आंदोलन: संतोष दुबे

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

अयोध्या, अमृत विचार। 6 दिसंबर 1992 बाबरी विध्वंस मामले में कल सीबीआई कोर्ट लखनऊ फैसला सुनाएगी। उसको लेकर 32 आरोपियों में से एक अयोध्या के संतोष दुबे ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। संतोष दुबे बाबरी विध्वंस के आरोपी हैं और वह कल सुबह 10 बजे सीबीआई कोर्ट लखनऊ में हाजिर होंगे। बाबरी विध्वंस के आरोपी संतोष …

अयोध्या, अमृत विचार। 6 दिसंबर 1992 बाबरी विध्वंस मामले में कल सीबीआई कोर्ट लखनऊ फैसला सुनाएगी। उसको लेकर 32 आरोपियों में से एक अयोध्या के संतोष दुबे ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। संतोष दुबे बाबरी विध्वंस के आरोपी हैं और वह कल सुबह 10 बजे सीबीआई कोर्ट लखनऊ में हाजिर होंगे।

बाबरी विध्वंस के आरोपी संतोष दुबे ने कहा है कि 6 दिसंबर 1992 की तरह ही मथुरा और काशी को भी मुक्त कराना होगा। रही बात सीबीआई कोर्ट के फैसले की तो सीबीआई कोर्ट जो भी निर्णय सुनाएगा उसे सर माथे स्वीकार किया जाएगा। संतोष दुबे यह भी कहा कि यदि वह जीवित रहे तो मथुरा और काशी के मुक्ति के लिए आंदोलन करेंगे। जैसा आंदोलन राम मंदिर के लिए किया गया वैसा ही आंदोलन मथुरा और काशी के लिए किया जाएगा।

संतोष दुबे ने 6 दिसंबर 1992 की घटना के जिक्र करते हुए बताया कि इसकी पटकथा 2 नवंबर की घटना पर तैयार हो गई थी। जब मुलायम सिंह सरकार ने निहत्थे कारसेवकों पर गोली चला कर उनकी हत्या की थी। कई सारे कारसेवक मारे गए थे बहुत से कारसेवक घायल हुए थे। उसी प्रतिक्रिया में 6 दिसंबर 1992 की घटना हिंदू समाज ने बाबरी विध्वंस करके किया था। उसमें 5000 लोगों की एक टीम थी। जो 17 ग्रुप में बैठे हुए थे। जिनके एक ग्रुप में 300 से 500 लोगों की संख्या थी। 4000 पुरुष थे और 1000 महिला इसमें शामिल थीं।

हथियार के रूप में गैती, हथोड़ा और त्रिशूल लेकर सब लोग विवादित ढांचे पर चढ़ गए और इसको विध्वंस कर दिया। क्योंकि बाबर ने मंदिर को तोड़कर महज जिद बनाई थी। जिसको तोड़ा कोई अपराध नहीं किया है। इसकी सजा जो भी मिलनी हो उसकी कोई परवाह नहीं। खुशी इस बात की है कि अयोध्या में राम मंदिर बन रहा है।

संबंधित समाचार