आराध्य के दर्शनों की आतुरता खींच लाई अयोध्या, पैदल नाप दिया 1500 किमी का फासला

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

अयोध्या। आस्था और श्रद्धा अटूट हो तो कोई कहीं से भी कैसे भी खिंचा चला आता है। ऐसे ही दो युवकों ने न दिन देखा न रात रामलला के दर्शनों के लिए 1500 किलोमीटर का रास्ता पैदल ही नाप दिया। असम से अयोध्या तक का सफर पैदल तय कर यहां पहुंचे बिट्टू मलकार और पारस मलकार ने पहली आराध्य की जन्मभूमि को नमन किया फिर बोले - अफसर बनने के सपने से पहले रामलला के दर्शन का संकल्प पूरा हुआ।

उन्होंने बताया कि नौ नवम्बर को असम के हरगोदी से अयोध्या के लिए निकले थे, रास्ते में तमाम दुश्वारियां आईं लेकिन रामलला के दर्शनों की आतुरता और आस्था के आगे सब पार करते हुए चले आए। बताया करीब दो महीने चार दिन बाद गुरुवार को अयोध्या पहुंचे हैं।

उन्होंने कहा कि यदि यहां रुकने की अनुमति मिली तो ठीक वर्ना आगे काशी विश्वनाथ के दर्शन के लिए वाराणसी रवाना हो जायेगें। बताया कि दोनों ने एक साथ इंटरमीडिएट किया है, अब आगे प्रशासनिक या सेना में अधिकारी बनने की तैयारी कर रहे हैं। खास बात यह है कि दोनों जय श्री राम के उद्घघोष के बाद ही अपनी बातचीत शुरू करते हैं। उन्होंने बताया कि घर में माता पिता और परिवार के लोगों को यहां से व्हाटसअप काल कर अयोध्या धाम के दर्शन भी कराए। सभी ने रामलला और हनुमानगढ़ी का प्रसाद मंगाया है।

यह भी पढ़ें: सुलतानपुर: गिरफ्तारी वारंट के बाद भी कोर्ट में नहीं आये पूर्व विधायक समेत अन्य आरोपी

संबंधित समाचार