संतकबीरनगर: कबीरचौरा में 14 से लग रहा भव्य खिचड़ी मेला, इन खासियतों के चलते दूर-दूर से खिंचे चले आते हैं श्रद्धालु
संतकबीरनगर। सूफी संत कबीरदास की परिनिर्वाण स्थली मगहर पर 14 जनवरी से खिचड़ी मेले का शुभारंभ कराया जाएगा। 14 और 15 जनवरी को हजारों लोग कबीरदास की समाधि पर खिचड़ी चढ़ाएंगे। एक पखवारे तक चलने वाले खिचड़ी मेले की सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
उक्त आशय की जानकारी देते हुए कबीर चौरा के महंत विचार दास ने बताया कि खिचड़ी पर्व पर देश के कोने-कोने से श्रद्धालु आते हैं। विदेशों से भी महात्मा कबीर के तमाम अनुयाई आते हैं। उनके रहने और भोजन की व्यवस्था करा दी गई है। उन्होंने बताया कि बहादुर गढ़ हरियाणा से 30 भक्तों की टोली आज कबीर चौरा पर पहुंच रही है।

इस टोली के द्वारा 14 और 15 जनवरी को खिचड़ी भण्डारे का भब्य आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा हरियाणा, पंजाब, बिहार और झारखंड के अलावा तमाम प्रदेशों से श्रद्धालु आते हैं। उनके भोजन, ठहरने, सत्संग और दीक्षा का बेहतरीन प्रबंध किया गया है। ताना-बाना भवन मेहमान श्रद्धालुओं के लिए ही सुसज्जित कराया गया है। वहीं दूसरी तरफ कबीर साहब की समाधि और मजार के साथ ही उनकी प्राचीन गुफा भी श्रद्धालुओं को बरबस ही अपनी ओर आकर्षित कर रही है।
रंग बिरंगे झूले, सर्कस समेत मनोरंजन के साधनों की है भरमार
अगर आप परिवार के साथ मकर संक्रांति पर्व पर बाबा गोरक्षनाथ को खिचड़ी चढ़ाने नहीं पहुंच पा रहे हैं तो मगहर स्थित कबीर चौरा आपके लिए बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। यहां लग चुके मेले की बात करें तो विभिन्न प्रकार के छोटे बड़े झूले, सर्कस, बच्चों के लिए खूबसूरत रैम्प, मुरादाबादी खजले, चाट, चाउमिन के खूबसूरत ठेले और खूबसूरत नर्तकियों से सुसज्जित वैरायटी शो आपका भरपूर मनोरंजन कराएंगे।
पहले मकर संक्रांति पर ही आयोजित होता था मगहर महोत्सव
संत कबीरदास की निर्वाण स्थली मगहर में लगभग पांच दशकों से मगहर महोत्सव का आयोजन होता आ रहा है। पहले यह आयोजन कबीर चौरा मगहर के नेतृत्व में स्थानीय सम्भ्रांत नागरिकों और व्यापारियों के सहयोग से आयोजित होता था। यह आयोजन मकर संक्रांति पर शुरू होकर एक सप्ताह चलता था। 1980 के दशक में उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने इस महोत्सव के आयोजन को सरकारी घोषित करते हुए आयोजन के लिए 25 लाख रुपए स्वीकृत कर दिया।

उसके बाद से इस आयोजन का पूरा नेतृत्व जिलाधिकारी के हाथ में चला गया। बाद में प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी तो महोत्सव आयोजन की धनराशि बढ़ाकर 40 लाख रुपए कर दी गई। इधर के वर्षों में यह महोत्सव अपने पूर्व निर्धारित तिथि पर सम्भव नहीं हो पा रहा है। कभी चुनाव, कभी कोविड महामारी तो कभी अन्य कारणों के चलते आयोजन कि तिथियां हर साल बदल जाती हैं। इस वर्ष यह आयोजन 28 जनवरी से 3 फरवरी तक आयोजित किया जाएगा।
डॉ. कलाम, पीएम मोदी समेत तमान हस्तियों ने लगाई है हाजिरी
कबीर चौरा मगहर की खूबसूरतीच के आकर्षण का प्रमुख केन्द्र यहां की प्राकृतिक सुंदरता है। यही वजह रही कि यहां हर साल आयोजित होने वाले मगहर महोत्सव में देश के पूर्व राष्ट्रपति और मिसाइल मैन डॉ एपीजे अब्दुल कलाम, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव, मायावती और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुके हैं।
पांच वर्ष पूर्व तत्कालीन सांसद स्व. शरद त्रिपाठी की पहल पर यहां आए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यहां 150 करोड़ रुपए की लागत से कबीर शोध संस्थान के साथ ही कबीर स्थली के विकास की तमाम योजनाओं की सौगात दिया था। भरोसेमंद सूत्रों की मानें तो आगामी 28 जनवरी से आयोजित होने वाले कबीर मगहर महोत्सव का शुभारंभ करने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आगमन होना लगभग तय है। ऐसा हुआ तो कबीर चौरा के साथ ही जनपद को विकास की बड़ी सौगातें मिलनी तय हैं।
