कासगंज: मकर संक्रांति पर्व को लेकर बढ़ी बाजारों की रौनक, दान करने के लिए वस्तुओं की खरीदारी कर रहे लोग
ऊनी वस्त्र, कंबल, खिचड़ी चावल, दाल की बढ़ी बिक्री
कासगंज, अमृत विचार। मकर संक्रांति पर्व को लेकर बाजारों में रौनक बढ़ गई है। दान करने के लिए वस्तुओं की खरीददारी के लिए लोग बाजारों में निकले। शहर से लेकर कस्बों तक बाजारों में शनिवार को भीड़भाड़ रही।
दान के लिए ऊनी वस्त्र, कंबल, खिचड़ी, चावल, तिल आदि से बनी मिठाई, गजक व अन्य खाद्य पदार्थों की लोगों ने खरीददारी की। शहर के मुख्य बाजारों से लेकर देहात के मार्गों पर भी दुकानों को खासतौर पर सजाया गया। कई गजक दुकानदारों ने तो अपनी दुकान पर फूलमालाएं भी लगाईं।
मकर संक्रांति पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। घरों में भी शनिवार से तैयारियां शुरू हो गई है। मकर संक्रांति पर तिल के लड्डू दान करने की पंरपरा है। महिलाओं ने घरों में तिल के लड्डू बनाए तो मकर संक्रांति को घर-घर में खिचड़ी बनेगी।
दान के पर्व को लेकर भी बाजार में भीड़ रही। मकर संक्रांति को 14 चीज दान करने की परंपरा है। इसको लेकर महिलाएं एवं पुरुषों की भीड़ दुकानों पर रही। कोई प्लास्टिक का सामान खरीदता हुआ नजर आया तो कोई अन्य सामान। इधर मकर संक्रांति पर गजक की भी अच्छी बिक्री होती है। इसके साथ में मूंगफली की दुकानें भी गली-गली में सजी नजर आई। लोगों ने दान के लिए ऊनी वस्त्र, कंबल, खिचड़ी, चावल की खरीददारी की।
मंदिरों में पूजा अर्चना के बाद करेंगे दान
मकर संक्रांति को मंदिरों पर भी जरूरतमंदों की भीड़ नजर आएगी। कई लोग इस पर्व पर मंदिरों में पहुंच कर दान की परंपरा निभाते हैं तो शहर में जगह-जगह पर खिचड़ी भोज सहित अन्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।
आज कल मनाया जाएगा पर्व
मत भिन्नता के चलते मकर संक्रांति पर्व आज 14 जनवरी और कल 15 जनवरी को भी मनाया जाएगा। आंशिक रूप से लोग 14 जनवरी को तो अधिकांश लोग 15 जनवरी को पर्व मनाएंगे। दशकों से यह पर्व 14 जनवरी को मनाया जाता रहा है, लेकिन बीते तीन वर्षों से तिथि में परिवर्तन हुआ है और बीते तीन वर्षों में 15 जनवरी को भी पर्व मनाया गया है।
ऐसे मनाएं त्योहार
- तड़के स्नान करें और सूर्य को अर्घ्य दें।
- श्रीमद्भागवद के एक अध्याय का पाठ या गीता का पाठ करें।
- नए अन्न, कंबल और घी का दान करें।
- भोजन में नए अन्न की खिचड़ी बनाएं।
- भोजन भगवान को समर्पित करके प्रसाद रूप में ग्रहण करें।
- सूर्य से लाभ पाने को ये करें
- लाल फूल, तिल और अक्षत डाल कर सूर्य को अर्घ्य दें।
- सूर्य के बीज मंत्र ऊं ह्रां ह्रीं ह्रौं स: सूर्याय नम: का जाप करें।
- लाल वस्त्र, तांबे के बर्तन और गेहूं दान करें।
- संध्या काल में अन्न का सेवन न करें।
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