प्राण प्रतिष्ठा : सरयू में निगरानी को पहुंची पीएसी बाढ़ राहत दल की कंपनी
आरती और नयाघाट पर सरयू में बना निगरानी कक्ष, प्राइवेट नावें भेजी गई दूसरी छोर पर
अयोध्या, अमृत विचार। प्राण-प्रतिष्ठा समारोह पर चाक-चौबंद व्यवस्था को लेकर थल और नभ के साथ जल में निगरानी तथा सुरक्षा की व्यवस्था शुरू की गई है। रामनगरी अयोध्या के किनारे-किनारे बहने वाली सरयू में निगरानी के लिए पीएसी बाढ़ राहत दल की कंपनी लगाई गई है। जबकि बचाव और राहत के लिए सरयू के घाट पर पहले से ही जल पुलिस और एसडीआरएफ की तैनाती है। डूबने की घटनाओं की रोकथाम के लिए आपदा राहत विभाग की ओर से बाढ़ खंड विभाग की मदद से पहले चरण में नयाघाट क्षेत्र में सरयू में फ्लोटिंग बैरियर के साथ निगरानी कक्ष का निर्माण कराया गया है। अयोध्या की सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक किये जाने की योजना के तहत यहां आधुनिक मोटर बोट और निगरानी के उपकरण स्थापित होने हैं।
रामनगरी में विभिन्न मेला व पर्वों के दौरान स्नान के दौरान श्रद्धालुओं के डूबने की घटनाओं की रोकथाम और जनहानि को कम करने के लिए जिला प्रशासन के प्रस्ताव पर आपदा राहत विभाग की ओर से कार्ययोजना को मंजूरी दी गई थी और कार्ययोजना को अंजाम तक पहुँचाने का जिम्मा सिचाई विभाग के बाढ़ खंड को सौंपा गया था। बाढ़ खंड की ओर से श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए आरती घाट से लेकर नयाघाट तक सरयू में फ्लोटिंग बैरियर और जेटी का निर्माण कराया गया है। साथ ही लाइफ जैकेट, इजंन चलित बोट आदि उपलब्ध कराया गया है। प्राण-प्रतिष्ठा समारोह और राम मंदिर की सुरक्षा के मद्देनजर सरयू में अनवरत निगरानी की योजना के तहत फ्लोटिंग बैरियर के आगे सरयू में आरती घाट तथा नयाघाट स्थित कच्चे घाट के सामने फैब्रिकेटेड निगरानी कक्ष का निर्माण कराया गया है और सरयू में इसी तरह की सुरक्षा और व्यवस्था रामनगरी के अन्य घाटों समेत गुप्तारघाट तक की जानी है।
सरयू के घाट पर डूबने से बचाव के लिए जल पुलिस और एसडीआरएफ की टुकड़ी की तैनाती है, जबकि सुरक्षा निगरानी और विशेष स्थिति के लिए पीएसी के बाढ़ रहत दल की एक कंपनी और एक प्लाटून की तैनाती की गई है। साथ ही निगरानी के लिए आधुनिक मोटर बोट, ड्रैगन लाइट, नाइट विजन ग्लास आदि की आपूर्ति होनी है, जिसके जल्द पहुँचने की उम्मीद है। सुरक्षा के एहतियाती उपाय के तहत घाट पर खड़ी होने वाली प्राइवेट नावों को सरयू नदी के दूसरी छोर पर खड़ा कराया जा रहा है और इनकी निगरानी के लिए जीपीएस स्थापित कराये जा रहे हैं। सुरक्षा और ख़ुफ़िया एजेंसियों ने सभी नाविकों, गोताखोरों अदि का ब्यौरा एकत्र कर उसका सत्यापन कराया है।
जल पुलिस के प्रभारी आरपी मौर्य ने बताया कि सरयू में निगरानी के लिए मोटर बोट, 50 हार्स पावर की मोटर,ड्रैगन लाइट समेत अन्य उपकरण आने हैं। बचाव के साथ सरयू में निगरानी की पुख्ता व्यवस्था की जा रही है।
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