हल्द्वानी: बागेश्वर में जली भू-कानून की चिता, नैनीताल तक पहुंचेगी आंच
हल्द्वानी, अमृत विचार। आंदोलन की धरा बागेश्वर से मूल निवास स्वाभिमान आंदोलन का आगाज हो चुका है। आंदोलनकारियों ने यहां सरयू तट पर भू कानून की चिता फूंकी और अब इसकी आंच नैनीताल तक पहुंचने वाली है। इस संभावना से पुलिस भी इंकार नहीं कर रही है और खुफिया को आंदोलन का आकार परखने के लिए लगा दिया गया है।
बता दें कि भू कानून आंदोलन की रूपरेखा देहरादून में तय की गई और आंदोलन को बड़ा बनाने के लिए नैनीताल जिले के साथ हल्द्वानी में विभिन्न संगठनों ने तमाम बैठकें की। मूल निवास स्वाभिमान आंदोलन की अगुवाई कर रहे मूल निवास भू कानून समन्वय संघर्ष समिति ने तय किया था कि इस आंदोलन को भी बागेश्वर से शुरू किया जाएगा।
क्योंकि इसी दिन बागेश्वर से कुली बेगार आंदोलन की शुरुआत हुई थी। सोमवार को बागेश्वर के सरयू तट पर आंदोलनकारियों ने भू कानून की चिता जलाई और फिर उसकी प्रतियों को सरयू में प्रवाहित कर दिया। जिसके बाद रैली भी निकाली गई। इस कार्यक्रम में हल्द्वानी समेत लगभग सभी जिलों से युवा बागेश्वर पहुंचे। पुलिस सूत्रों का कहना है कि खुफिया ने इस कार्यक्रम पर नजर रखी और रिपोर्ट शासन तक पहुंचाई।
इसके अलावा सभी जिलों की खुफिया को निर्देशित किया गया है कि वह अपने जिलों में इससे संबंधित गतिविधियों पर नजर रखें और यह पता करें कि संबंधित जिलों में कितना बड़ा आंदोलन हो सकता है और कितनी बड़ी संख्या में लोग इसमें शामिल हो सकते हैं। साथ ही इस बात का भी पता लगाएं कि आंदोलन में सिर्फ विरोध होगा या फिर आंदोलन के उग्र होने की भी संभावना है।
