बरेली: मुनव्वर राणा को पसंद थी इम्पीरियल की चाय, मिले थे हसीन हाशमी से 

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। मशहूर शायर मुनव्वर राणा की बरेली को लेकर भी काफी यादे जुड़ी हुई हैं। रामपुर के शायर बरेली में कई बार आ चुके थे। उनके निधन पर अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त शायर प्रो. वसीम बरेलवी ने अफसोस जाहिर करते हुए बताया कि मुनव्वर राणा दुनिया से जल्दी चले गए। वह अपनी कलम के लिए जाने जाते थे, अब उनकी कलम को भुला पाना आसान नहीं होगा।

वहीं अपनी यादे साझा करते हुए नदीम शमशी ने बताया कि जब वह बरेली में मुशाायरे में आए थे तो वह उन्हें लेने स्टेशन गए थे। स्टेशन से उतरते ही इम्पीरियल की चाय पीने की ख्वाहिश जाहिर की। चाय पीने के बाद उन्होंने बरेली के प्रसिद्व सुर्मा कारोबारी हसीन हाशमी से मिलने की इच्छा जाहिर की और फूटा दरवाजा उनके आवास पर गए वहां करीब एक घंटा बैठे और गुज़िश्ता हाजिर दौर को लेकर चिंतित भी दिखे। अंत में उन्होंने अपनी बीमारी को लेकर एक वाक्या सुनाया जब वह अस्पताल में थे और किसी गंभीर बीमारी का ऑपरेशन होना था।

डॉक्टर ने उन्हें  जो तारीख बताई उस तारीख से उन्होंने दो दिन बाद ऑपरेशन करने को कहा। डॉक्टर नें जब उनसे पूछा ऐसा क्यों तो उन्होंने कहा जिस तारीख को मेरी मां का जन्मदिन है, मैं उसी दिन ऑपरेशन कराऊंगा और ऑपरेशन कामयाब होगा और ऐसा हुआ भी। दुनिया में वह सबसे ज्यादा बुलंद मां के दर्जे को मानते थे। उन्होंने मां पर कई शेरों-शायरियां भी लिखी।

अंतर्राष्ट्रीय शायर प्रोफेसर वसीम बरेलवी ने उर्दू के मशहूर शायर मुनव्वर राणा के निधन पर शोक व्यक्त किया है। साथ ही उन्होंने कहा कि मुनव्वर राणा उनके छोटे भाई की तरह थे। जिनकी मृत्यु से हुई क्षति को पूरा नहीं किया जा सकता है। उनके जाने के बाद उर्दू जगत की शायरी में खालीपन महसूस किया जाएगा। मुनव्वर राणा ने थोड़े से समय में जो मुकाम हासिल किया था वह उनकी मेहनत और लगन का परिणाम था। उनकी शायरी में घरेलु संबंध का बहुत ही महत्व था।

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