भारत-रूस की सहमति
भारत और रूस ने दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के प्रयास जारी रखने पर एक बार फिर सहमति जताई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच बातचीत में दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग में प्रगति की समीक्षा की और आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया।
दोनों नेताओं ने रूस-यूक्रेन युद्ध, इजरायल-हमास युद्ध, गाजा में हूतियों के हमले समेत तमाम मुद्दों पर व्यापक चर्चा की। साथ ही रूस की अध्यक्षता में प्रस्तावित ब्रिक्स सम्मेलन पर विचार किया। रूस ने 1 जनवरी, 2024 से ब्रिक्स की अध्यक्षता ग्रहण की। पिछले दिनों पुतिन ने कहा था कि 2024 में कजान में रूस की अध्यक्षता में अगला ब्रिक्स शिखर सम्मेलन निष्पक्ष विश्व व्यवस्था स्थापित करने के लिए समर्पित होगा।
ध्यान रहे यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से दोनों नेताओं ने एक-दूसरे के देश का दौरा नहीं किया है लेकिन फोन पर कई बार बातचीत हुई है। पिछले महीने ही विदेश मंत्री जयशंकर ने भारत और रूस के बीच सालाना बैठक में हिस्सा लेने के लिए मॉस्को का दौरा किया था। विदेश मंत्री के रूस दौरे में दोनों देशों ने आधुनिक हथियारों के निर्माण सहित सैन्य और तकनीकी सहयोग बढ़ाने का फैसला किया था।
लाल सागर में बिगड़ते हालात के बीच दोनों नेताओं की बातचीत को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। गाजा युद्ध शुरू होने के कुछ दिनों बाद ही हूती ने लाल सागर से गुजरने वाले जहाजों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले शुरू कर दिए थे। हूती को सबक सिखाने के लिए जब अमेरिका ने एयर स्ट्राइक की, तो अरब में महायुद्ध का खतरा बढ़ गया। ऐसे में अरब में खाड़ी युद्ध जैसे हालात बन गए हैं।
इजरायल, अमेरिका और ब्रिटेन के सामने ईरान, तुर्किए, रूस और चीन एक मंच पर आ गए हैं। तुर्किये ने भी कहा है अमेरिका ने लाल सागर को खून का समंदर कह दिया है। इसके बाद मध्य पूर्व में खाड़ी जैसे हालात बन गए हैं। रूस-चीन ने अमेरिका को धमकी दे दी। लाल सागर में बिगड़े हालात की वजह से तेल के दामों में भी तेजी आ गई है।
तेल के दामों में चार प्रतिशत का उछाल आया है। लाल सागर में आए उबाल का असर पूरी दुनिया में हो रहा है। आज किसी भी वैश्विक संकट के समाधान के लिए पूरी दुनिया भारत की ओर देखती है। ऐसे में दोनों नेताओं की बातचीत कूटनीतिक नजरिए से अहम कही जा सकती है।
