हल्द्वानी: रकसिया नाले किनारे बने तीन मकानों पर चलेगा बुलडोजर
हल्द्वानी, अमृत विचार। अब नाले, गाढ़-गधेरों के किनारे अवैध ढंग से मकान बनाने वालों की खैर नहीं होगी। जिला विकास प्राधिकरण ने रकसिया नाले किनारे बने तीन मकानों को ध्वस्त करने के आदेश पारित किए हैं। इन भवन स्वामियों को 15 दिनों की मोहलत दी गई है, इसके बाद इन पर प्राधिकरण का बुलडोजर गरजेगा।
जिला विकास प्राधिकरण की संयुक्त सचिव/सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह ने बताया कि पीलीकोठी रोड पर रकसिया नाले किनारे दो मंजिला तीन भवन बनाए गए थे। इनमें लगभग 6 परिवार रहते हैं। जांच में पता चला कि ये भवन अवैध ढंग से नाले किनारे की भूमि पर बनाए गए हैं। नियमानुसार नाले से 5 मीटर की दूरी पर भवन बनाने चाहिए।
यह मामला प्राधिकरण की अदालत में चल रहा था। इस मामले में चम्पा लटवाल, पत्नी नंदन सिंह लटवाल, उनके पुत्र नवीन व देवेंद्र सिंह लटवाल, पार्वती देवी पत्नी रामऔतार, अरविंद गंगवार पुत्र डोरीलाल, प्रेम चौहान पुत्र विजय शंकर चौहान, छोटे लाल पुत्र श्याम लाल, लल्लन शर्मा पुत्र नरसिंह शर्मा ने भवन नहीं तोड़े जाने की अपील की थी।
इधर, मंगलवार को प्राधिकरण संयुक्त सचिव ऋचा सिंह ने इन भवनों के ध्वस्तीकरण के आदेश पारित कर दिए हैं। सभी को 15 दिनों की मोहलत दी गई है। इस अवधि बाद यदि स्वयं मकान खाली कर ध्वस्त नहीं करते हैं तो प्राधिकरण का बुलडोजर इन अवैध निर्माण को ध्वस्त कर देगा।
मानसून सीजन में रकसिया व कलसिया ने मचाई थी तबाही
हल्द्वानी : पिछले वर्ष मानसून सीजन में हुई मूसलाधार बारिश ने रकसिया व कलसिया नाले ने तबाही मचाई थी। नालों में और नालों किनारे बने मकानों में पानी, मलबा व बोल्डर घुसने से कई मकान पूरी व आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए थे। तब जांच में पता चला था कि भूमाफियाओं ने 10-10 रुपये के स्टांप पर लाखों रुपये यह जमीन बेच दी थी। हालांकि तब प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की, बाद में जब नालों ने तबाही मचाई तब अधिकारियों की नींद टूटी थी। साथ ही नदी, नालों किनारे मकान नहीं बनाने के निर्देश दिए गए थे।
