बहराइच: अधिकारियों की मिलीभगत से सरकार को लग रहा चूना, डग्गामार बसें 'सरकारी खजाने' पर डाल रहीं डाका!
बहराइच, अमृत विचार। जिले के लखनऊ बाईपास मार्ग पर डग्गामार बस प्रतिदिन खड़ी हो जाती है। जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाली सवारियों को इन बसों में बैठा दिया जाता है। इससे यात्री रोडवेज बस अड्डे तक नहीं पहुंच पाते हैं और परिवहन विभाग को नुकसान होता है। सबकुछ जानते हुए भी पुलिस, सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय की ओर से कार्यवाई नहीं होती है।
शहर में रोडवेज बस अड्डा संचालित है। बस अड्डे से प्रत्येक 15 मिनट पर लखनऊ के कैसरबाग और आलमबाग के लिए बस रवाना होती है। इसके लिए सरकार की ओर से सुविधाये भी दी जा रही है। प्रतिदिन सैकड़ो बेसन का संचालन लखनऊ के लिए होता है, लेकिन यात्री अब रोडवेज बस अड्डे पर नहीं पहुंच पा रहे हैं। जिसके चलते परिवहन विभाग को नुकसान उठाना पड़ रहा है इन यात्रियों को शहर के झींगा घाट स्थित लखनऊ बाईपास मार्ग के पास डग्गामार बसों में बैठा दिया जाता है।
इसके बाद यात्री यहीं से इन बसों के द्वारा लखनऊ पहुंच जाते हैं। कुछ इसी तरह शहर के तिकोनी बाग और गोलवाघाट के निकट हो रहा है। पुलिस के साथ एआरटीओ विभाग की लापरवाही परिवहन विभाग पर भारी पड़ रही है। इसका नतीजा सरकार के ख़ज़ाने पर देखने को मिल रहा है। इतना ही नहीं ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले यात्रियों के साथ ठगी भी होती है। लोगों से अधिक किराए की भी वसूली होती है। इसके बाद भी विभगीय अधिकारियों द्वारा ध्यान न देना कई सवाल खड़े कर रहा है।
कई बार लिखा गया पत्र, नहीं हो रही कार्यवाई
शहर में कई स्थानों पर लखनऊ, दिल्ली, हरियाणा के लिए प्राइवेट बसों का संचालन होता है। इसका असर सरकार के आए पेपर पड़ता है इसके लिखे शिकायत सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी से की गई है इसके बावजूद मामला शांत है वह डायरेक्ट छापेमारी नहीं कर सकते हैं
प्रेम कुमार एआरएम परिवहन
होती रहती है कार्रवाई
शहर के एक झींगा घाट और लखनऊ मार्ग पर कई बसों के प्राइवेट संचालन की जानकारी होती है, वहां पर अचानक छापेमारी की कार्रवाई की जाती है। इसके बाद भी कुछ लोग बसों का संचालन करवाते हैं ट्रैफिक इंस्पेक्टर की ओर से भी कार्रवाई की गई है, पुनः छापेमारी की जाएगी।
ओम प्रकाश आरटीओ
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