फारूक अब्दुल्ला ने कहा- श्री राम नहीं हैं किसी एक संप्रदाय के, उन्हें केवल ‘हिंदू’ के रूप में चित्रित करना गलत, क्या राम एक मंदिर तक हैं सीमित 

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Edited By Amrit Vichar
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जम्मू। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह से पहले शुक्रवार को सवाल किया कि क्या भगवान राम एक मंदिर तक ही सीमित हैं। उन्होंने यहां पत्रकारों से बात करते हुए यह भी पूछा कि क्या श्री राम विशेष रूप से भाजपा या राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के ही हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘राम पर किसी का एकाधिकार नहीं है।’’ अब्दुल्ला ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘क्या भगवान राम केवल एक मंदिर में रहते हैं? क्या राम के पास कोई अन्य घर (मंदिर) नहीं है? राम सर्वव्यापी हैं। वह वहां भी हैं जहां कोई राम मंदिर नहीं है। वह पूरी दुनिया के राम हैं।’’ उन्होंने कहा कि श्री राम किसी एक संप्रदाय के नहीं हैं और उन्हें केवल ‘हिंदू’ के रूप में चित्रित करना गलत है।

अयोध्या में 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए राजनीतिक दलों द्वारा दिए गए निमंत्रण पर प्रतिक्रिया देते हुए, अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘क्या राम केवल भाजपा के हैं? क्या राम केवल आरएसएस के हैं? वे कौन होते हैं किसी को आमंत्रित करने वाले? आपको मंदिर जाने के लिए निमंत्रण की आवश्यकता क्यों है?’’ उन्होंने कहा, ‘‘अगर मैं उमरा के लिए जा रहा हूं, तो क्या मुझे वहां से निमंत्रण की उम्मीद करनी चाहिए? निमंत्रण प्रक्रिया गलत है। किसी का भी राम पर एकाधिकार नहीं है।’’

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