Ram Mandir Ayodhya: श्रीराम के लिये कभी तोड़ी थी ‘जेल की रोटी’; आज खाएंगे प्राण प्रतिष्ठा के ‘लड्डू’...

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प्राण प्रतिष्ठा को लेकर बांगरमऊ के माढ़ापुर में जीवित बचे दो कारसेवक बेहद प्रफुल्लित हैं।

एक समय था जब भगवान श्रीराम को उनके गर्भगृह में विराजमान कराने को लेकर हम लोगों ने जेल की रोटियां खाईं थीं। वहां पर पीठ में लाठियां खाते हुए विभिन्न यातनाएं भी झेली थीं।

उन्नाव, बागंरमऊ, रामसेवक यादव। एक समय था जब भगवान श्रीराम को उनके गर्भगृह में विराजमान कराने को लेकर हम लोगों ने जेल की रोटियां खाईं थीं। वहां पर पीठ में लाठियां खाते हुए विभिन्न यातनाएं भी झेली थीं। तभी से यह उम्मीद थी कि कभी तो वह दिन आएगा जब हमारे प्रभु श्रीराम अपने मंदिर में विराजमान होंगे। हमारे जीवित रहते यह दिन भी आ गया है इसके लिये हम प्रभु श्रीराम के आभारी हैं। अब प्रभु की प्राण प्रतिष्ठा के दिन हम सभी मिलकर लड्डु खाएंगे और दीपावली मनाएंगे। 

यह कहना है बांगरमऊ के गांव माढ़ापुर निवासी जीवित बचे दो कारसेवकों महिपाल शर्मा और कमल कुमार मिश्र का। वे बताते हैं कि बजरंग दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय कटियार के आह्वान पर क्षेत्र के गांव माढ़ापुर से करीब एक दर्जन कारसेवकों की टोली बीती 2 दिसंबर 1992 को कारसेवा के लिए पैदल निकल पड़ी थी। टोली के नेता महिपाल शर्मा ने बताया कि सभी कारसेवक पुलिस से बचते-बचाते बालामऊ ट्रेन पकड़ने के लिए कालीमिट्टी हाल्ट रेलवे स्टेशन जा रहे थे। 

तभी फतेहपुर चौरासी थाना की पुलिस ने उन्हें व बाबा पूरन दास बाल्मीकि, बाबा हीरालाल कुशवाहा व कमल कुमार मिश्र को गिरफ्तार कर लिया था। जबकि अन्य 8-10 कारसेवक भागने में सफल रहे थे। करीब एक हफ्ते तक थाने की हवालात में बंद कर पुलिस ने उन लोगों को जमकर प्रताड़ित किया और बाद में चारों को जेल भेज दिया गया। बताया कि उनके दो जेल यात्री कारसेवक बाबा पूरन दास वाल्मीकि व बाबा हीरालाल कुशवाहा अब इस दुनिया में नहीं हैं। 

कारसेवक कमल कुमार मिश्र के अनुसार 25 दिन उन्नाव जेल में रहने के दौरान कारसेवकों को असीम यातनाएं सहन करनी पड़ीं थीं। उन्होंने बताया कि जब 9 नवंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट का निर्णय राम मंदिर के पक्ष में आया था, तब उन्होंने अपने घर में घी के दीपक जलाए थे और अब वह सोमवार को भगवान रामलला के प्राण प्रतिष्ठा के दिन दोबारा अपने घर में दीपों की श्रृंखला जलाकर दीपावली मनाएंगे। इसके अलावा प्राण प्रतिष्ठा होने की खुशी में लड्डू खाएंगे और लोगों को भी खिलाएंगे।

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