बरेली: IVRI की तकनीक और शोध को जानेंगे शेर-ए- कश्मीर कृषि विज्ञान विश्वविद्यालय के छात्र
दोनों संस्थानों ने एमओयू पर किए हस्ताक्षर, छात्र एक दूसरे संस्थान में जाकर कर सकेंगे शोध
बरेली, अमृत विचार। जल्द ही भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) की शोध एवं तकनीक को जम्मू-कश्मीर के छात्रों को भी जानने का मौका मिलेगा। इसके लिए सोमवार को आईवीआरआई और शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय जम्मू के बीच एक महत्वपूर्ण एमओयू (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर किए गए। इससे छात्रों को दोनों संस्थानों में शोध करने और शैक्षणिक गतिविधियों में शामिल होने का अवसर मिलेगा।
निदेशक एवं कुलपति डाॅ. त्रिवेणी दत्त ने कहा कि दोनों संस्थानों के बीच इस अनुबंध से शोध, प्रसार में भी सहयोग की संभावनाएं तलाशी जाएंगी, इससे शोधार्थियों को पशुचिकित्सा के साथ कृषि के क्षेत्रों में भी शोध करने का मौका मिलेगा। शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. बीएन त्रिपाठी ने कहा कि आईवीआरआई के साथ एमओयू होने से उनकी फैकल्टी और छात्रों को संबंधित क्षेत्र में कार्य करने में सहायता मिलेगी। संयुक्त निदेशक शैक्षणिक डॉ. एसके मेंदीरत्ता ने कहा कि छात्रों को एक दूसरे के संस्थानों में जाकर सीखने का अवसर मिलेगा। संयुक्त निदेशक शोध डॉ. एसके सिंह, संयुक्त निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. रूपसी तिवारी, डॉ. रजत गर्ग, सहायक रजिस्ट्रार करुणेश शुक्ला आदि मौजूद रहे। संचालन डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह ने किया।
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