ISIS: कोयंबटूर कार बम विस्फोट मामले में NIA ने की कार्रवाई, 2 और लोगों पर आरोपपत्र किया दायर

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फाइल फोटो

नई दिल्ली। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) आज (बुधवार) 2022 के आईएसआईएस प्रेरित कोयंबटूर कार बम विस्फोट मामले में दो और आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया।

एनआईए द्वारा आज दायर पूरक आरोप पत्र में आतंकी हमले के मामले में कोयंबटूर के दोनों निवासियों मोहम्मद अजरुद्दीन उर्फ अजर और मोहम्मद इदरीस का नाम शामिल है। उन पर आईपीसी, यूए (पी) अधिनियम और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं।

बता दें, इसके साथ ही मामले में अब तक 13 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया जा चुका है। एनआईए ने इससे पहले पिछले साल 20 अप्रैल और 2 जून को कुल 11 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था।

मामला कोयंबटूर के उक्कदम में ईश्वरन कोविल स्ट्रीट पर प्राचीन अरुलमिगु कोट्टई संगमेश्वर थिरुकोविल मंदिर के सामने हुए विस्फोट से संबंधित है। विस्फोट 23 अक्टूबर 2022 को एक वाहन बोर्न इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (वीबीआईईडी) के माध्यम से शुरू हुआ, जिसे जेम्सा मुबीन ने चलाया था, जो आतंक के इस भयानक कृत्य को अंजाम देने के लिए कट्टर आईएसआईएस विचारधारा से प्रेरित था।

एनआईए की जांच में पता चला है कि अजरुद्दीन ने तीन अन्य आरोपियों को प्रेरित किया था, जो उससे जेल में रहने के दौरान विय्यूर एचएसपी में मिले थे। इसके बाद सत्यमंगलम षड्यंत्र की बैठक हुई, जिसके परिणामस्वरूप तत्काल आतंकवादी हमले की योजना और तैयारी हुई। अभियुक्त उमर फारूक को फांसी का नेतृत्व करने के लिए अमीर के रूप में चुना गया था।
 
मोहम्मद इदरीस, जो अजरुद्दीन के मॉड्यूल का हिस्सा था और आईएसआईएस में कट्टरपंथी था और आरोपी ज़हरान हाशिम के 'बयानों' द्वारा उसे विस्फोट के लिए इस्तेमाल किया गया वाहन खरीदने और हमले में मुख्य आरोपी की सहायता करने का काम सौंपा गया था। साजिश का बड़ा उद्देश्य समाज की विभिन्न शाखाओं, यानी सामान्य प्रशासन, पुलिस, न्यायपालिका आदि को निशाना बनाकर एक वर्ग के मन में आतंक पैदा करना था।

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