लखनऊ : कार्यशाला में बोले राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह- परिवार नियोजन का अर्थ बच्चों के जन्म पर रोक लगाना नहीं

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लखनऊ, अमृत विचार। परिवार नियोजन का अर्थ बच्चों के जन्म पर रोक लगाना नहीं है। बच्चे पैदा होने चाहिए बस जनसंख्या नियंत्रित रखने की जरूरत है। जनसंख्या नियंत्रित रहे इसके लिए परिवार नियोजन के साधन का इस्तेमाल करना चाहिए। यह कहना है स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह का। वह बुधवार को गोमती नगर स्थिति एक निजी होटल में वात्सल्य संस्था की तरफ से परिवार नियोजन पर आयोजित राज्यस्तरीय राउन्ड टेबल कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि जनसंख्या के मामले में भारत की स्थित चीन की तरह नहीं होनी चाहिए। चीन में जनसंख्या नियंत्रण का काम कुछ इस तरह हुआ कि युवाओं की संख्या कम हो गई, वहां बुजुर्गों की संख्या युवाओं की अपेक्षा अधिक है। हमें जनसंख्या नियंत्रण के साथ युवाओं की संख्या का स्तर भी बनाये रखना है। 

राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस-5) के अनुसार, उत्तर प्रदेश का टोटल फर्टिलिटी दर (टीएफआर) पहले के मुकाबले कम होकर 2.4 हो गया है। परिवार नियोजन मातृ और शिशु स्वास्थ्य में सुधार के लिए एक मान्यता प्राप्त हस्तक्षेप बन चुका है। इसके लाभ स्वास्थ्य के साथ और भी हैं। यह प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सतत विकास लक्ष्यों को प्रभावित करता है । 

इस अवसर पर राज्य स्वास्थ्य मिशन, उत्तर प्रदेश के जनरल मैनेजर(परिवार नियोजन) डॉ.ओझा ने कहा कि स्वास्थ्य कार्यकर्ता पुरुषों को भी परिवार नियोजन में सहभागिता को बढ़ाना होगा। कार्यशाला में परिवार कल्याण निदेशालय, उत्तर प्रदेश की डायरेक्टर परिवार नियोजन डॉ. मंजू व जॉइन्ट डायरेक्टर परिवार नियोजन डॉ. उदय प्रताप सिंह, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी (नोडल परिवार नियोजन) डॉ. बैजनाथ वात्सल्य की मुख्य कार्यकारी डॉ. नीलम सिंह, भुवाल सिंह डॉ. अंकित, राहुल सिंह व टीम के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

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