वाह रे यूपी पुलिस! यूपी बोर्ड की पूर्व सचिव पर FIR दर्ज, आठ साल पहले हो चुका निधन, अब होगी जांच...
कानपुर में यूपी बोर्ड की पूर्व सचिव मृतका प्रभा त्रिपाठी पर एफआईआर दर्ज हुई है।
कानपुर में यूपी बोर्ड की सचिव रहीं प्रभा त्रिपाठी के खिलाफ जालसाजी की रिपोर्ट दर्ज हुई है जबकि उनकी मृत्यु आठ साल पहले ही हो चुकी है।
कानपुर, अमृत विचार। जूही थाना पुलिस ने यूपी बोर्ड की सचिव रहीं प्रभा त्रिपाठी के खिलाफ जालसाजी का मुकदमा दर्ज किया है जबकि उनकी मृत्यु आठ साल पहले हो चुकी है। आम तौर पर ऐसे मामलों में पुलिस बिना जांच किए रिपोर्ट दर्ज नहीं करती मगर इस मामले में पुलिस की लापरवाही देखने को मिली। मामले में यूपी बोर्ड की पूर्व सचिव के साथ उनके भांजे को भी आरोपित बनाया गया है। ज्वाइंट सीपी के संज्ञान में जब यह मामला आया तो उन्होंने जांच कराने के बाद उचित कार्रवाई करने की बात कही है।
यूपी बोर्ड की सचिव रहीं प्रभा त्रिपाठी की मृत्यु 2015 में हो गई थी। जूही थाने में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है, जबकि उनकी मौत को आठ साल नौ माह एक दिन का समय बीत चुका है। एफआईआर में आरोप है कि वर्ष 2005 में प्रभा त्रिपाठी ने संयुक्त शिक्षा निदेशक कानपुर मंडल पद पर रहते हुए अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए फर्रुखाबाद स्थित अल्पसंख्यक संस्था के क्रिश्चियन कॉलेज में भांजे मोहित मनोहर तिवारी की नियुक्ति करा दी थी।
ज्वाइंट सीपी आनंद प्रकाश तिवारी ने कहा कि मामले की जानकारी प्राप्त हुई है। मृतका पर रिपोर्ट किन परिस्थितियों में हुई इसकी जांच कराई जाएगी। दर्ज एफआईआर में जो भी तथ्य प्रकाश में आए हैं उनपर जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। किसी की लापरवाही मिलती है तो उस पर भी कठोर कार्रवाई होगी।
