पीलीभीत में बनेगी क्रिटिकल केयर यूनिट, प्रशासन ने चिन्हित की जमीन
पीलीभीत, अमृत विचार: अब गंभीर मरीजों को जिले के मेडिकल कॉलेज से दिल्ली लखनऊ रेफर नहीं किया जाएगा। मेडिकल कॉलेज में ही ऐसे मरीजों का इलाज हो सकेगा। इसके लिए क्रिटिकल केयर यूनिट स्थापित की जाएगी। गंभीर मरीजों को इससे सहूलियत होगी।
शासन की ओर से प्रस्ताव मांगे जाने पर मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने राजस्व विभाग की मदद से एक एकड़ जमीन का चयन कर रिपोर्ट बनाकर शासन को भेज दी है। जल्द ही इस पर निर्माण शुरु होने की संभावना जताई जा रही है। इसका संचालन मेडिकल कॉलेज के 200 बेड के अस्पताल के साथ ही किया जाएगा।
जनपद में दशकों से संचालित हो रहे जिला संयुक्त चिकित्सालय को उच्चीकरण करते हुए वर्ष 2020 में मेडिकल कॉलेज की मंजूरी मिली थी। इसी क्रम में संयुक्त चिकित्सालय में संचालित हो रहे महिला और पुरुष अस्पताल को भी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध कर दिया गया था।
एक अप्रैल 2023 को एलओपी करते हुए मेडिकल कॉलेज का दर्जा मिला था। मेडिकल कॉलेज का खाग गांव में एकेडमिक ब्लॉक तैयार हो चुका है। मेडिकल की पढ़ाई कराई जाएगी। इसके अलावा चिकित्सीय सुविधा देने के लिए कैंपस में ही दो सौ बेड का अस्पताल भी तैयार कराया जा रहा है। इसके अलावा पहले से तैयार बर्न यूनिट और ट्रामा सेंटर को भी धरातल पर लाने का प्रयास तेज हो गया है।
मगर मेडिकल कॉलेज बनने के बाद भी यहां से बढ़ी संख्या में गंभीर मरीजों को रेफर होना पड़ता है। शासन ने जिले में एक क्रिटिकल केयर यूनिट स्थापित कराने का निर्णय लिया था। जिसके बनने के बाद गंभीर मरीजों को इलाज में सहूलियत मिलेगी। शासन की ओर से यहां सौ बेड की क्रिटिकल केयर यूनिट बनाई जा रही है। जिसके लिए करीब एक एकड़ भूमि की आवश्यकता होगी।
निर्माण कार्य को लेकर अस्पताल प्रशासन और जिला प्रशासन द्वारा कई भूमि चिन्हित की गई थी। मंथन के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन और सदर एसडीएम,लेखपाल और कानूनगो ने दो सौ बेड निर्माणाधीन नए भवन के बराबर में खाली पड़ी सरकारी जमीन की पैमाइश कराई गई। जिसमें से एक एकड़ जमीन को चिन्हित किया गया है। जिसका प्रस्ताव बनाकर डीएम को भेजा गया।
जहां जमीन को हस्तांतरण करने के लिए फाइल शासन को भेज दी गई है। उम्मीद है कि फरवरी के बाद इस पर काम शुरु हो जाएगा। यूनिट की स्थापना हो जाने के बाद जहां स्वास्थ्य सुविधाओं विस्तार होगा, वहीं गंभीर मरीजों को इलाज में सहूलियत मिलेगी।
गंभीर बीमारियों का होगा इलाज
क्रिटिकल केयर यूनिट में हृदय रोग, सांस, हेड इंजरी, चोट, सर्जरी सहित अन्य बीमारियों के गंभीर मरीजों का इलाज हो सकेगा। मेडिकल कॉलेज कैंपस में स्थापित होने वाली क्रिटिकल यूनिट में 100 बेड होंगे। यह यूनिट अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित होगी। जहां स्टाफ 24 घंटे तैनात रहेगा। जो मरीजों की निगरानी करेगा।
क्या है क्रिटिकल केयर यूनिट
क्रिटिकल केयर यूनिट में गंभीर रूप से बीमार रोगियों को रखा जाता है। उनकी देखभाल विशेष रूप से प्रशिक्षित कर्मचारी करते हैं। मरीज के स्वास्थ्य की समय-समय पर निगरानी की जाती है। मरीजों को 24 घंटे की कड़ी देखभाल में रखा जाता है। इसे गहन देखभाल इकाई या आईसीयू के रूप में जाना जाता है।
मेडिकल कॉलेज में क्रिटिकल केयर यूनिट की स्थापना कराई जा रही है। यहां 100 बेड की व्यवस्था रहेगी। इसके लिए एक एकड़ जगह चिन्हित की गई है। शासन से मंजूरी मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। यूनिट की स्थापना होने से गंभीर मरीजों को लाभ मिलेगा--- डॉ. संजीव सक्सेना, कार्यवाहक प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज।
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