डॉक्टर ने अपने गुर्गों संग मिलकर किया था युवक का मर्डर, जीआरपी ने दर्ज किया हत्या का केस
हाथ पैर की हड्डी कई जगह से टूटी मिली, सिर पर रॉड से किया प्रहार
गोंडा, अमृत विचार। नगर कोतवाली क्षेत्र के नारायणा हॉस्पिटल में काम करने वाले युवक की हत्या अस्पताल के डाक्टर ने अपने गुर्गों संग मिलकर की थी। हैवान बने डॉक्टर ने हत्या से पहले युवक की बेरहमी से पिटाई भी की गयी थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डाक्टर की हैवानियत का खुलासा हुआ है। मृतक के हाथ पैर की कई हड्डियां टूटी मिली हैं तथा सिर और गले पर गंभीर चोट पाई गयी है। युवक की मौत के बाद आरोपियों ने इस जघन्य हत्या को आत्महत्या का रूप देने की नीयत से उसे ले जाकर रेलवे स्टेशन के समीप रेल ट्रैक लिटा दिया था। वह तो गनीमत रही कि मालगाड़ी के चालक ने शव पहले ही देख लिया और ट्रेन रोक ली। पीएम रिपोर्ट आने के बाद जीआरपी ने डॉक्टर व उसके दो गुर्गों के खिलाफ हत्या व शव को छिपाने की रिपोर्ट दर्ज किया है और आरोपी डॉक्टर की तलाश में जुटी है।
मोतीगंज थाना क्षेत्र से अचलपुर गांव का रहने वाला अंकित तिवारी (23) नगर कोतवाली क्षेत्र के सर्कुलर रोड स्थित नारायणा हॉस्पिटल में काम करता था। बुधवार की शाम सिगरेट लाने से इंकार करने पर उसका अस्पताल के संचालक डॉक्टर दीपक सिंह से विवाद हो गया था। अस्पताल में काम करने वाले कर्मियों की माने तो बुधवार की शाम डाक्टर दीपक ने अंकित से सिगरेट लाने के लिए कहा था लेकिन उसने सिगरेट लाने से इंकार कर दिया था। इस पर डाक्टर से उसकी तूतू मैमै हुई थी और डाक्टर ने उसकी पिटाई कर दी थी। इसके बाद अंकित बाहर निकल गया था। लेकिन इस मामूली विवाद के बाद डॉक्टर हैवान बन गया और उसने अपने गुर्गों के साथ मिलकर अंकित का अपहरण कर लिया और उसे किसी अज्ञात से स्थान पर से जाकर पहले उसकी बेरहमी से पिटाई की और फिर उसके सिर पर रॉड से प्रहार कर उसकी हत्या कर दी। हत्यारों ने वारदात को आते हत्या की शक्ल देने की नीयत से मृतक अंकित का शव ले जाकर रेलवे स्टेशन के करीब रेल ट्रैक पर रख दिया और भाग निकले। कुछ देर बाद जब ट्रैक से गुजर रही मालगाड़ी के चालक ने ट्रैक पर शव पड़ा देखा तो उसने ट्रेन रोक कर जीआरपी को सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। परिजनों की मांग पर डीएम नेहा शर्मा ने पांच डाक्टरों का पैनल बनाकर पोस्टमार्टम कराने का निर्देश दिया था। पोस्टमार्टम कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी करायी गयी थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक अंकित के हाथ और पैर की कई हड्डियां टूटी मिली थी। उसके सिर और गले पर भी गंभीर घाव पाया गया था। पीएम रिपोर्ट मिलने के बाद राजकीय रेलवे पुलिस ने डॉक्टर दीपक सिंह व दो अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या व शव छिपाने का मुकदमा दर्ज किया है। सीओ जीआरपी गोरखपुर विनोद कुमार सिंह ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गयी है और आरोपी डॉक्टर की तलाश की जा रही है।
जिला अस्पताल में तैनात डा दीपक सिंह का है निजी हॉस्पिटल
नारायणा हॉस्पिटल डा दीपक सिंह बताया जा रहा है। डा दीपक की तैनाती जिला अस्पताल में है। मृतक अंकित बीएससी नर्सिंग पास था और पिछले दो साल से इस अस्पताल में काम कर रहा था। सहकर्मियों के मुताबिक मृतक अंकित काफी मिलनसार और सरल स्वभाव का था और कभी किसी से उसका विवाद नहीं हुआ था।
चार बहनों का इकलौता भाई था मृतक अंकित
अचलपुर का रहने वाला मृतक अंकित अपने पिता का इकलौता बेटा था और चार बहनों का अकेला भाई था। अंकित की मौत से पूरा परिवार स्तब्ध है। परिजनों पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा है और सभी रो रो कर बेहाल हैं।
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