लखनऊ: FI Hospital पर चला LDA का हथौड़ा, दहशत में दिखे एफआई टावर के आवंटी
मुख्तार के करीबी बिल्डर सिराज ने नक्शा पास कराए बिना बना दिया था पांच मंजिला अस्पताल
लखनऊ, अमृत विचार। मुख्तार के करीबी बिल्डर सिराज इकबाल के कैंट रोड स्थित बर्लिंगटन चौराहे के पास अवैध तरीके से बनाए गए एफआई अस्पताल पर रविवार को लखनऊ विकास प्राधिकरण ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई दोबारा शुरू कर दी। एलडीए की कोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद रविवार को सुबह से ही एलडीए की प्रवर्तन टीम अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंच गई। पांच मंजिला अस्पताल के पांचवे तल की छत और दीवारों को मजदूरों ने हथौड़े और ड्रिलिंग मशीन से ध्वस्त करना शुरू कर दिया।
ध्वस्तीकरण की कार्रवाई देर शाम तक जारी रही। अधिकारियों के अनुसार पांचवे और चौथे तल को मजदूरों की सहायता से तोड़ा जाएगा। इसमें एक सप्ताह का समय लग सकता है। तीसरे तल से भूतल तक निर्माण पोकलैंड और जेसीबी की मदद से ध्वस्त किए जाएंगे। रविवार को ध्वस्तीकरण के लिए एलडीए ने 50 मजदूरों को लगाया था। मौके पर एलडीए के अपर सचिव ज्ञानेन्द्र वर्मा, जोनल अधिकारी शशि भूषण पाठक सहित अभियंता एवं भारी पुलिस बल मौजूद रहा।
दहशत में दिखे एफआई टावर के आवंटी
एफआई अस्पताल के ठीक पीछे एफआई टावर भी ध्वस्तीकरण की जद में है। सुबह जब एलडीए का प्रवर्तन दस्ता एफआई अस्पताल पहुंचा तो एफआई टावर के आवंटी दहशत में दिखे। उन्हें लगा कि टावर के फ्लैट भी ध्वस्त किए जाएंगे। बिल्डर सिराज ने एलडीए से छह तल का नक्शा पास कराके नौ मंजिला अपार्टमेंट बना दिया था।
नौंवें तल पर एफआई अस्पताल का हॉस्टल और एक पेंटा हाउस भी शामिल है। सातवें और आठवें तल पर बने 24 फ्लैट भी ध्वस्त किए जाने हैं। प्राधिकरण ने पिछले महीने नौवें तल पर बने हॉस्टल समेत, छठे और सातवें तल के फ्लैट की दीवारें हथौड़े और ड्रिलिंग मशीन से ध्वस्त कर दी थीं। लेकिन न्यायालय से स्टे होने के बाद दोबारा कार्रवाई शुरू नहीं हो सकी।
अकबर नगर में पांच टीमों ने शुरू किया सर्वे
अकबर नगर में पांच टीमों ने रविवार को सर्वे शुरू कर दिया। जिलाधिकारी सूर्य पाल गंगवार ने नए सिरे से पात्र विस्थापितों का सर्वे करने का आदेश दिया था। इसके लिए पांच टीमें बनाई थीं। ये टीमें अकबर नगर में प्रधानमंत्री आवास के लिए पात्र और अपात्रों को चिन्हित करेंगी।
सर्वे के दौरान एलडीए और जिला प्रशासन के अधिकारी और भारी पुलिस बल मौजूद रहा। लोगों ने सर्वे का विरोध किया लेकिन पुलिस बल के आगे उनकी एक न चली। अकबर नगर में बंधे और नदी की जमीन पर 1,200 अवैध मकान, दुकानें और कॉम्प्लेक्स बने हैं। इन्हें एलडीए ने ध्वस्तीकरण का नोटिस जारी किया है। ध्वस्तीकरण मामले में 7 फरवरी को उच्च न्यायालय में अगली सुनवाई है।
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