बरेली: हत्या की ओर इशारा करने वाले मौके पर कई सुबूत... अफसरों ने माना हादसा
बरेली/फरीदपुर, अमृत विचार। फरीदपुर के फर्रखपुर मोहल्ले में घर के कमरे में लगी भीषण आग में अंदर सो रहे पति-पत्नी और तीन बच्चों की मौत के मामले में हत्या के कई साफ प्रमाण सामने आने के बावजूद पुलिस अनुमानित तथ्यों के आधार पर इसे हादसा करार दिया है।
कमरे के दरवाजे पर बाहर से ताला लगे होने के साथ पुलिस ने इसे भी हत्या की ओर पर्याप्त संकेत नहीं माना कि बाहर बरामदे में खड़ी तीन मोटर साइकिलों के पेट्रोल टैंक पूरी तरह खाली थे और टैंक से कारबोरेटर तक पेट्रोल पहुंचाने वाले पाइप भी कटे हुए थे। हालांकि पुलिस अफसरों ने यह दावा जरूर किया कि घटना की हर पहलू पर जांच की जाएगी।
एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान के मुताबिक अब तक की पुलिस जांच में हादसे में ही पांचों लोगों की मौत होने की संभावना सामने आई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी हादसे की ओर इशारा कर रही है। एसएसपी ने बताया कि कमरे के अंदर से दरवाजे बंद करने के लिए न सिटकनी थी न कोई और उपकरण नहीं है। दोनों दरवाजों के बीच काफी गैप भी मिला है।
इसलिए बहुत संभव है कि अंदर से ही हाथ निकालकर परिवार के लोग बाहर ताला डालते रहे हों। उन्होंने बताया कि अंदर आग लगने का कारण अभी पता नहीं चला है। इसके लिए सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। एसएसपी ने आशंका जताई कि अंदर आग लगने के बाद बाहर से ताला लगा होने की वजह से कोई कमरे से नहीं निकल पाया और पांचों की मौत हो गई।
पुलिस अफसरों के मुताबिक फायर ब्रिगेड और फोरेंसिक टीम की जांच में भी हादसा होने की ही पुष्टि हो रही है। कमरे में बाहर जो ताला लगा था, उसकी चाबी भी अंदर एक डिब्बे में रखी मिली है। ब्लोअर या फिर हीटर आग लगने का कारण हो सकता है। धुएं से बेहोश होने के बाद सभी लोगों की जलकर मौत हो गई।
उधर, अजय के पिता सुरेश गुप्ता और भाई अनिल हत्या किए जाने की आशंका जताते रहे। उन्होंने घर के बरामदे में खड़ी तीनों मोटर साइकिलों के पेट्रोल पाइप कटे होने के साथ दरवाजे पर बाहर से ताला लगा होने को इसका साफ प्रमाण बताया। अनिल ने पुलिस का यह दावा भी खारिज कर दिया कि दरवाजे पर बाहर लगे ताले की चाबी अंदर रखी हुई थी। उन्होंने बताया कि कमरे में एक चाबी मिली तो जरूर, लेकिन वह दरवाजे पर पड़े ताले की नहीं निकली। मोहल्ले के लोग भी बेहद शातिराना ढंग से पूरे परिवार की हत्या किए जाने की आशंका जताते रहे।
लोगों ने जताई जमीन विवाद की आशंका
लोगों ने बताया कि अजय गुप्ता ने भाटिया कॉलोनी में 2022 में 50 वर्ग गज का प्लॉट खरीदा था। दुर्गा मंदिर के पास भी 50 वर्गगज के एक मकान के लिए 50 हजार रुपये का बयाना दिया था। वह अगले महीने मकान का बैनामा कराना चाहते थे। लोगों ने आशंका जताई कि प्लॉट और मकान का कोई विवाद इस घटना का कारण हो सकता है।
सीएफओ ने कहा- आग लगने केकारणों के अभी कर रहे हैं जांच
पुलिस अधिकारियों के दावे से अलग मुख्य अग्निशमन अधिकारी चंद्रमोहन शर्मा ने बताया कि वह इस घटना की खुद जांच कर रहे हैं। फिलहाल यह पता नहीं लगा है कि आग कैसे लगी और इतनी जल्दी कैसे इस कदर भीषण हो गई कि अंदर सो रहे पांच लोगों की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि अभी जांच की जा रही है जिसके पूरा होने के बाद उसकी रिपोर्ट मुख्यालय भेजने के साथ पुलिस को भी सौंपी जाएगी।
प्रथमदृष्टया घटना हादसा ही प्रतीत हो रही है लेकिन पुलिस प्रत्येक पहलू पर जांच कर रही है। - आईजी डॉ. राकेश कुमार सिंह
हादसा
अफसरों के तर्क
1- कमरे के दरवाजों में गैप था और अंदर से बंद करने के लिए सिटकनी नहीं थी, घर के लोग हाथ बाहर निकालकर ताला डाल लेते होंगे।
2- दरवाजे पर बाहर से लगे ताले की चाबी अंदर कमरे में रखे एक डिब्बे में रखी मिली।
3- कमरे में अंदर रखे ब्लोअर या हीटर से लगी हो सकती है आग।
हत्या
मौके पर प्रमाण
1- ताला खुद बाहर लगाने की पुष्टि नहीं, बरामदे में खड़ी तीन मोटर साइकिलों के पेट्रोल के पाइप किसने और क्यों काटे, पुलिस पर अभी जवाब नहीं।
2- परिजनों के मुताबिक अंदर रखी चाबी दरवाजे पर लगे ताले की नहीं निकली।
3- अग्निशमन विभाग की जांच में अभी आग लगने का कारण नहीं चला पता।
एक ही घर से उठीं पांच अर्थियां तो मातम में डूब गया पूरा फर्रखपुर
मासूम बच्चों समेत अजय गुप्ता के पूरे परिवार के आग से जलकर खत्म हो जाने की वजह से फरीदपुर के फर्रखपुर मोहल्ले में रविवार सुबह से ही मातम छाया रहा। अजय के घर के आसपास का बाजार भी नहीं खुला। जिला मुख्यालय पर पोस्टमार्टम के बाद जब पांचों शव घर पहुंचे तो पूरा मोहल्ला इकट्ठा हो गया।
अजय के पिता सुरेश, मां किरन, भाई महेंद्र, अनिल के साथ अनीता के मायके वाले भी दहाड़ें मारकर रो पड़े। श्मशान भूमि में पांचों की चिताएं पास-पास सजाई गईं। अजय के भाई अनिल गुप्ता ने बताया कि अजय तीन साल पहले किराए पर इस मकान में आए थे। शनिवार रात को अजय का बेटा दिव्यांश अपनी दादी किरन के पास आया था और रात करीब 9.30 बजे लौट गया था। उन्हें पता नहीं था कि वह उसे आखिरी बार देख रहे हैं।
हत्या की रिपोर्ट दर्ज न करने भड़के परिजन, अंत्येष्टि करने से इन्कार
काफी देर श्मशान भूमि में रखे रहे शव, अफसरों के मनाने पर किया अंतिम संस्कार
हादसे की थ्योरी ने अफसरों के दिमाग में घर किया तो पुलिस ने घटना की रिपोर्ट दर्ज नहीं की। इस पर मृतकों के परिवार के लोग भड़क गए। पोस्टमार्टम के जिला मुख्यालय से शव आने के वे उन्हें लेकर श्मशान भूमि तो पहुंच गए लेकिन अंतिम संस्कार करने से इन्कार करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। काफी देर शव रखे रहे। अफसरों ने भाजपा नेताओं की मदद से परिजनों को समझाकर अंतिम संस्कार करने के लिए तैयार किया।
अजय गुप्ता के परिजनों का कहना था कि पूरे परिवार की सुनियोजित ढंग से हत्या की गई है। इसलिए रिपोर्ट दर्ज होने तक वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। उन्होंने एसएसपी को भी मौके पर बुलाने की मांग शुरू कर दी। इसकी जानकारी मिलने पर एसडीएम निधि डोंडवाल और सीओ गौरव सिंह पहुंचे। कुछ भाजपा नेता भी श्मशान भूमि पहुंच गए। उन्होंने सुबह लिखापढ़ी कराने का आश्वासन दिया जिसके बाद रिश्तेदारों और परिजनों ने अंतिम संस्कार किया।
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