खीरी में 1085 जोड़ों ने थामा एक-दूजे का हाथ, केंद्रीय गृह राज्यमंत्री ने गिफ्ट के साथ दिया आशीर्वाद
लखीमपुर-खीरी, अमृत विचार। समाज कल्याण विभाग द्वारा सोमवार को कराए गए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह में 1085 जोड़ों ने एक दूसरे का जीवन भर के लिए हाथ थाम लिया। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी ने सभी नवदंपतियों को आशीर्वाद प्रदान किया और उन पर फूल बरसाए। कार्यक्रम स्थल पर हजारों की भीड़ उमड़ने से अव्यवस्थाएं भी हुई, जिसमें एक सचल टॉयलेट होने से महिलाओं को असुविधा का सामना करना पड़ा। वहीं भीड़ में बच्चे खोकर रोते नजर आए।
जीआईसी ग्राउंड में हुए सामूहिक विवाह योजना के तहत खुशियों की शहनाई गूंजी। शहर में जीआईसी ग्राउंड में हुए कार्यक्रम में 1085 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया, जिसमें 1006 हिंदू और 79 मुस्लिम जोड़े शामिल रहे। हिंदू जोड़ों का विवाह वैदिक रीति रिवाज एवं मंत्रोच्चार के साथ व मुस्लिम जोड़ों का मुस्लिम रीति रिवाज से निकाह संपन्न कराया गया।
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी समेत विधायक योगेश वर्मा, विनोद अवस्थी, डीएम महेंद्र बहादुर सिंह, एसपी गणेश प्रसाद साहा, सीडीओ अनिल कुमार सिंह ने सभी वर-वधू को उपहार-शगुन किट व आशीर्वाद दिया। जोड़ों के पास पहुंचकर संवाद करते हुए उनका परिचय पूछा, बातचीत कर नए दांपत्य जीवन की शुरूआत के लिए शुभकामनाएं दी। नवविवाहित जोड़ों को प्रमाण पत्र के अलावा सरकार की और से दिये जाने वाला जरूरी सामान भी दिया।
गरीब परिवार की बेटियों के लिए वरदान साबित हो रही सीएम सामूहिक विवाह योजनाः टेनी
केंद्रीय गृहराज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी ने सभी नव दंपतियों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना गरीब परिवार की बेटियों के लिए वरदान साबित हो रही है। उन्होंने सामूहिक विवाह के कार्यक्रम को आनंद का अद्भुत क्षण बताया। किसी एक शादी में समय निकाल पाना मुश्किल होता है, लेकिन आज का यह आयोजन ऐसा शुभ व बड़ा कार्यक्रम है, जहां मंत्री, विधायक, पार्टी पदाधिकारी और जिले के आला अधिकारी वर-वधु पक्ष के लोगों का स्वागत करने, नवयुगलों को शुभाशीष देने आए हैं।
उन्होंने उनके सुखमय जीवन की कामना की। विधायक योगेश वर्मा ने कहा कि दहेज की कुरीति से कई गरीब परिवार विवाह के पवित्र यज्ञ से वंचित हो जाते थे। बाल विवाह से पूरी तरह छुटकारा पाने के साथ दहेज के अत्याचार को समाप्त करने की दिशा में यह आयोजन अभिनव प्रयास है। डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि यह योजना लोगों के जीवन में खुशहाली ला रही है। दांपत्य जीवन में खुशहाली व गृहस्थी की स्थापना के लिए 35 हजार की धनराशि कन्या के बैंक खाते में भेजी जा रही है।
विदाई में छलके आंसू
सामूहिक विवाह के बाद जब विदाई की बेला आई तो परिजनों की आंखे छलक उठी। दुल्हन की रोती आंखे माता पिता से दूर जाने का दर्द बयां कर रही थी तो दूसरी ओर नया संसार बसाने के लिए माता पिता उन्हें आशीष भी दे रहे थे। विदाई के दौरान मंडप से सड़क तक खुशियों के आंसू छलकते रहे।
जीवन भर साथ निभाने का संकल्प
वर-वधुओं को मंडप बेदी में आचार्य द्वारा सात फेरे कराने के साथ ही सात वचन भी दिलाए गए और हर वचन का अर्थ व्यवहारिक तौर पर समझाया गया। वर-वधु ने भी एक दूसरे का जीवन भर साथ निभाने और एक दूसरे की भावनाओं का ख्याल रखने का वचन दिया। तीर्थ, व्रत में वाम भाग में स्थान देने, माता पिता का सम्मान, युवा, प्रौढ और वृद्धा अवस्था में साथ निभाने जैसे वचन एक दूसरे ने किए।
परिणय सूत्र बंधन में बंधने वाले शादी के जोड़े एक नजर...
कुल जोड़ेः 1085
नगरीय क्षेत्रः 16
ग्रामीण क्षेत्रः 1077
सामान्यः 16
अल्पसंख्यकः 79
ओबीसीः 248
एससीः 707
एसटीः 35
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