कासगंज: घाटे में रहा रोडवेज, लखनऊ तक की बस सेवा बंद
कासगंज से सीधे लखनऊ को जोड़ने के लिए चलाई गई थी राजधानी बस
कासगंज, अमृत विचार। लखनऊ के लिए कासगंज से चलाई गई राजधानी बस सेवा से रोडवेज का राजस्व घट गया। कासगंज से लखनऊ के बीच दौड़ने वाली बसों से परिवहन निगम को घाटा हुआ तो राजधानी बसें बंद करने का निर्णय लिया। अब बस बंद हो गई है। रोडवेज के अधिकारियों ने माना है कि रोडवेज की अपेक्षा ट्रेनों में लखनऊ तक का किराया कम है। इस कारण लोग कासगंज से ट्रेन में यात्रा करना आसान मान रहे हैं और बस से यात्रा नहीं कर रहे।
बीते साल कासगंज से लखनऊ के बीच दो परिवहन निगम की बसें चलाई गई। रोडवेज के अधिकारियों ने बस दौड़ाई। जनप्रतिनिधियों ने हरी झंडी दिखाकर बसों को रवाना किया बस चली, लेकिन बस में यात्रियों की संख्या बेहद कम रही। कासगंज से सीधी लखनऊ के लिए ट्रेन सेवा है और ट्रेन लगभग 6 से 7 घंटे में लखनऊ तक का सफर तय कर देती है और इसका किराया भी कम है। जबकि रोडवेज की बसों का किराया अधिक है और रास्ते में धक्के भी खाने पड़ते हैं। सफर में भी देरी होती है। ऐसे में लोग ट्रेन की यात्रा ही करते रहे, जिससे रोडवेज को घाटा हुआ और फिर रोडवेज के अधिकारियों ने अंतत बंस बंद करने का निर्णय ले लिया। अब कासगंज से लखनऊ के बीच बस सेवा बंद हो चुकी है।
तो अयोध्या के लिए भी नहीं है तैयारी
भगवान श्री राम के मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हो गई। देश भर के लोग अयोध्या में भगवान श्री राम के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। ऐसे में कासगंज से अयोध्या के लिए बस सेवा की मांग उठी, लेकिन रोडवेज केके अधिकारियों का कहना है कि जब लखनऊ तक ही यात्री नहीं बैठ रहे हैं तो लखनऊ तक तो बस खाली जाएगी। उसके बाद भले ही कुछ यात्री मिल जाए। ऐसे में रोडवेज को घटा रहेगा और बस चलाना ठीक नहीं रहेगा।
कासगंज से लखनऊ के बीच बस सेवा बंद कर दी गई है। क्योंकि राजस्व का घाटा हो रहा था। अयोध्या तक बस चलाने का अभी कोई विचार नहीं है-विजय गंगवार, एआरएम।
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