पीलीभीत: शर्मसार... मां के लिए नहीं मिला शव वाहन तो बेटे ने ठेले का लिया सहारा, देखकर लोग हुए हैरान

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Edited By Amrit Vichar
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पीलीभीत, अमृत विचार। सेहत महकमे की मानवीय संवेदनाएं किस कदर मर चुकी हैं, इसका जीता जागता सबूत पीलीभीत के बिलसंडा ब्लॉक की सीएचसी पर देखने को मिला है। गणतंत्र दिवस की रात बिलसंडा क्षेत्र के गांव गौहनिया निवासी 90 वर्षीय बुजुर्ग महिला देवकी देवी की कच्ची झोपड़ी में अलाव की चिंगारी पहुंचने से आग लग गई थी। जिसमें बुजुर्ग महिला की जिंदा जलकर मौत हो गई थी।

मौत के बाद मृतका के बेटे विजयपाल ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया था। 27 जनवरी को पुलिस ने कागजी कार्रवाई पूरी करने के लिए शव को सीएचसी बिलसंडा लेकर पहुंचे थे, जहां कार्रवाई पूरी करने के बाद पुलिस ने शव परिवार वालों के सुपुर्द कर दिया था, तभी मृतका के बेटे विजयपाल ने सीएचसी अधीक्षक और अन्य स्टाफ से शव को ले जाने के लिए शव वाहन देने की गुहार लगाई। 

मगर महकमे ने गरीब की आवाज को अनसुना कर दिया। मजबूरन विजयपाल अपनी मां के शव को एक ठेले पर रखकर घर की ओर से चल दिया। इस बीच कुछ लोगों ने जब शर्मसार कर देने वाले दृश्य को देखा। तो इसकी वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वायरल वीडियो को लेकर स्वास्थ्य विभाग की जमकर फजीहत हुई। 

इधर, सोमवार देर रात जब वीडियो सीएमओ डॉ. आलोक कुमार के संज्ञान में आया, तो सीएमओ ने सीएचसी अधीक्षक डॉ. मनीष राज शर्मा, फार्मासिस्ट एएन अंसारी को वहां से हटाया दिया है। जबकि वार्ड ब्यॉय एन के पांडे को निलबिंत कर दिया है। फिलहाल इस घटना को लेकर हर कोई सिस्टम पर सवाल उठाता दिखाई दिया।

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