Kanpur: हयात जफर हाशमी गिरफ्तार, जारी था गैर जमानती वारंट, नई सड़क हिंसा का मास्टरमाइंड भी है आरोपी
कानपुर में पुलिस ने हयात जफर हाशमी को गिरफ्तार किया।
कानपुर में पुलिस ने हयात जफर हाशमी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। आरोपी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी था।
कानपुर, अमृत विचार। नई सड़क हिंसा के मास्टरमाइंड जफर हयात हाशमी को कोतवाली थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वर्ष 2012 में मकान पर कब्जा करने को लेकर अपनी मां और बहन को कलेक्ट्रेट में केरोसिन डालकर आग लगवाई थी।
जिसके बाद दोनों की उपचार के दौरान मौत हो गई थी। इस मामले में आत्महत्या के उकसाने की एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इस मामले में फरार रहने के बाद कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किया था।
जिसके बाद पुलिस ने उसे 11 साल बाद गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है।
कोतवाली थाना प्रभारी संतोष शुक्ला ने बताया कि चमनगंज का रहने वाला हयात जफर हाशमी शातिर अपराधी है। उसने वर्ष 2012 में अपना मकान किराएदारों से खाली कराने के लिए अपनी बहन और मां के साथ साजिश रची थी।
दोनों से कहा था कि जिलाधिकारी कार्यालय में दोनों लोग मिट्टी का तेल डालकर आग लगा लेना, इससे दहशत में आकर जिला प्रशासन उनका मकान किराएदारों से खाली करा देगा।
हयात की साजिश के में बहन और मां ने कलेक्ट्रेट ऑफिस में आग लगा ली। इससे दोनों लोग गंभीर रूप से झुलस गईं और इलाज के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया था।
पुलिस ने मामले की जांच की तो सामने आया कि हयात ने ही नाटकीय ढंग से आत्महत्या करने के लिए पूरा ड्रामा रचा था, लेकिन मिट्टी का तेल डालकर आग लगाने के दौरान दोनों गंभीर रूप से झुलस गईं और उनकी मौत हो गई थी।
चमनगंज थाने में हयात जफर हाशमी के खिलाफ 2012 में ही आत्महत्या के लिए उकसाने समेत अन्य गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई थी, लेकिन तब से आत तक हयात की गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी।
पुलिस ने इस मामले में फरार रहने के बाद कोर्ट से गैर जमानती वारंट लिया था। 11 साल बाद इस मामले में शनिवार को कोतवाली पुलिस ने हयात को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया।
वर्ष 2022 में जून माह में हुई हिंसा का भी मुख्य आरोपी हयात जफर हाशमी है। हयात जफर हाशमी कानपुर में जौहर फैंस एसोसिएशन के नाम से संस्था चलाता है।
इसी की आड़ में हयात ने अपनी राजनीति भी चमकाना शुरू कर दी। जून 2022 में हयात ने नुपुर शर्मा के बयान के बाद कानपुर में बंदी का ऐलान किया। इसके बाद सोची-समझी साजिश के तहत कानपुर में दंगा भड़का दिया था। कुछ महीने पहले ही हयात को कानपुर हिंसा भड़काने के मामले में जेल से जमानत पर बाहर आया था।
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