लखनऊ: हल्की बारिश से फसलों को फायदा, ज्यादा हुई तो किसानों को पड़ जाएंगे लेने के देने! जानिये क्यों कह रहे हम ऐसा? 

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Edited By Amrit Vichar
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गेहूं, जौ समेत सब्जियों के लिए लाभदायक है हल्की बारिश

टॉप ड्रेसिंग में मिलेगा फायदा, नहीं करनी पड़ेगी सिंचाई

लखनऊ। खेतों में गेहूं, जौ, मटर, सरसों, आलू व तिलहन समेत कई फसलें लगी हैं। बारिश से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें दिखने लगी हैं। हालांकि मौसम विभाग ने हल्की बारिश को सभी फसलों के लिए फायदेमंद बताया है। जिला कृषि अधिकारी तेग बहादुर सिंह ने कहा कि हल्की बारिश फसलों के लिए फायदेमंद है। 

इससे खेतों में नमी बढ़ गई है। वैसे भी सिंचाई का समय चल रह है। किसान फसलों की टॉप ड्रेसिंग करें। ऐसे में किसान अब सिंचाई न करें। सिंचाई का खर्च भी बचेगा। अब मौसम सामान्य होने की उम्मीद है। आगे तेज बारिश या हवा चली तो फसलों को नुकसान हो सकता है। गेहूं, सरसों समेत जिनमें फूल आने लगे हैं वह फसलें बर्बाद हो सकती हैं।

बारिश व सर्द हवाओं के बीच ओलावृष्टि का अलर्ट

लखनऊ। लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में रविवार को बारिश होने से एक बार फिर ठंड बढ़ गई। दिन भर बादल छाए रहे और सर्द हवाएं भी चलीं। मौसम विभाग का अनुमान है कि पश्चिमी विक्षोभ का असर आगे भी देखा जा सकता है, कहीं-कहीं ओलावृष्टि की संभावना भी है।

कई दिनों से निकल रही धूप के बाद ठंड में कमी आ गई थी, लेकिन रविवार को मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिला। दिनभर रुक- रुककर कई बार बारिश हुई। पश्चिमी विक्षोभ का असर पश्चिमी क्षेत्रों के अलावा मध्य क्षेत्र में भी देखने को मिल रहा है। लखनऊ के निकट सीतापुर, लखीमपुर सहित अन्य जनपदों में सर्द हवाएं चलीं। मौसम अनुसंधान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एके सिंह के अनुसार, कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि की संभावना बन रही है, ऐसे में आरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

 पश्चिमी विक्षोभ के कारण बने वायुमण्डलीय दबाव से 30-40 किमी प्रतिघण्टे की रफ्तार से सर्द हवाएं चल सकती हैं। वैसे तो कोहरे का अधिक असर पश्चिमी क्षेत्रों में रहेगा। लेकिन लखनऊ के नजदीकी क्षेत्रों में भी आंशिक स्थिति बने रहने की संभावना मौसम विभाग ने जताई है। इसमें सीतापुर, लखीमपुर खीरी, हरदोई जनपद सहित अन्य जिले शामिल हैं।

अधिक बारिश बढ़ा सकती है किसानों की मुश्किलें

कृषि वैज्ञानिक डॉ. सतेन्द्र कुमार सिंह कहते हैं कि अगर बारिश के बाद ओले नहीं पड़ते हैं, तो यह फसलों के लिए लाभदायक रहेगी। ओले पड़ने पर पिछड़ी प्रजातियों की राई व सरसों के लिए आंशिक नुकसान हो सकता है। यदि तेज बारिश हुई तो फसलों को नुकसान हो सकता है।

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