हल्द्वानी: कमीशन की डोर से बंधा है 'लाल' तेल का 'काला' कारोबार

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Edited By Amrit Vichar
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हल्द्वानी, अमृत विचार। ट्रांसपोर्ट नगर में नकली इंजन ऑयल बेचने का धंधा कमीशन की डोर से बंधा है। मोटे कमीशन के खेल में वर्कशॉप लाइन से निकला छोटा धंधा आज व्यापक रूप ले चुका है। धंधे की सबसे छोटी कड़ी (मिस्त्री) इस खेल का आखिरी खिलाड़ी है। 

सूत्रों के अनुसार ट्रांसपोर्ट नगर में नकली इंजन ऑयल बेचने का कारोबार वर्षों से चला आ रहा है। ट्रक स्वामी बताते हैं कि जब तिकोनिया के पास वर्कशॉप लाइन में ट्रांसपोर्ट का काम होता था तब से नकली इंजन ऑयल बेचने का खेल चल रहा है। उस समय इक्का-दुक्का ही थोक कारोबारी इस काले काम में लिप्त हुआ करते थे। जब देवलचौड़ में ट्रांसपोर्ट नगर को शिफ्ट किया गया तो इनकी संख्या में इजाफा हो गया।

आज स्थिति यह है कि कुछ तथाकथित थोक कारोबारियों के अलावा वाहन मिस्त्री और स्पेयर पार्ट्स की दुकानों में खुलेआम नकली इंजन ऑयल बिक रहा है। बताया जाता है कि नकली इंजन ऑयल बेचने वाले थोक कारोबारियों की स्पेयर पार्ट्स के दुकानदारों और वाहन मिस्त्रियों से गहरी सांठगांठ होती है। जब कोई ट्रक या अन्य वाहन मरम्मत के लिए मिस्त्रियों के पास आता है तो वह संबंधित दुकान से ही इंजन ऑयल खरीदवाते हैं।

ऑयल वाहन में डालने के बाद जब वाहन स्वामी वहां से चला जाता है तो यह मिस्त्री दुकानदार से अपनी कमीशन लेने पहुंच जाते हैं। इस नकली इंजन ऑयल के सिंडिकेट में सबसे ज्यादा आर्थिक नुकसान वाहन स्वामियों को होता है।

एक लीटर में 60 से 70 रुपए की होती है बचत
ट्रांसपोर्ट नगर में नकली इंजन ऑयल के कारोबार को मुफाने के फेर में कारोबारी और वाहन मिस्त्री अंजाम दे रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक जहां ब्रांडेड कंपनियों के इंजन ऑयल को बेचने पर प्रति एक लीटर में मात्र 10 से 15 रुपये बचते हैं। वहीं नकली इंजन ऑयल को बेचने पर करीब 60 से 70 रुपये की बचत होती है। इन नकली इंजन ऑयल पर ब्रांडेड कंपनियों का नाम होने के कारण इनकी पहचान करना मुश्किल होता है। जिस वजह से वाहन स्वामियों को नुकसान झेलना पड़ता है।

बोले ट्रक स्वामी

इंजन ऑयल के अलावा स्पेयर पार्ट्स तक नकली बिक रहे हैं। कई वर्षों से यह खेल चल रहा है। कोशित रहती है कि परिचित मिस्त्री के वहां की वाहन का काम कराऊं। क्योंकि असली और नकली में फर्क पता नहीं चल पाता है। कई बार नुकसान भी होता है।
- चंद्रशेखर पांडे, ट्रक स्वामी

नकली ऑयल की वजह से इंजन खराब होने की परेशानी आती है। कई बार वाहन माइलेज तक नहीं देते हैं। हर महीने में कोई न कोई दिक्कत आती है। इसलिए परिचित मिस्त्री के यहां ही काम कराता हूं। नकली ऑयल का कारोबार बंद होना चाहिए।
- अब्दुल हक, ट्रक स्वामी

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