हल्द्वानी: झूठी निकली गैंग रेप की कहानी, पूरी पटकथा मनगढ़ंत
पुलिस की शुरुआती जांच में ही उतरा लड़की के चेहरे से नकाब, मेडिकल में भी नहीं हुई रेप की पुष्टि
हल्द्वानी, अमृत विचार। अपहरण और गैंग रेप का आरोप लगाने वाली लड़की का झूठ एक रात में फाश हो गया। शुरुआती जांच में ही गैंग रेप की बात को पुलिस ने सिरे से खारिज कर दिया। अब पुलिस लड़की के खिलाफ भी कार्रवाई कर सकती है। फिलहाल तो आरोपियों पर दर्ज दुष्कर्म की धारा 376 को हटा लिया गया है। चारों आरोपियों की गिरफ्तारी कर पुलिस ने मुकदमा अपहरण और छेड़छाड़ की धाराओं में तरमीम कर दिया है।
बता दें कि मुखानी थाना क्षेत्र में रहने वाली 22 वर्षीय एक लड़की ने कोतवाली पुलिस को तहरीर दी। आरोप लगाया कि बीती 3 फरवरी को कार सवार चार लड़कों ने कैंसर हॉस्पिटल के पास से उसका अपहरण कर लिया। तीन घंटे तक वह उसे शहर में लेकर घूमते और रेप करते रहे। उसे पीटा और जबरन शराब पिलाने की कोशिश की।
एसएसपी प्रह्लाद नारायण मीणा ने बताया कि महिला संबंधी अपराध को देखते हुए आनन-फानन में आरोपियों के खिलाफ दुष्कर्म और अपहरण की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई। कुछ ही घंटे में कार और चारों आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
सीओ लालकुआं संगीता को मामले की जांच सौंपी गई। लड़की का मेडिकल परीक्षण कराया गया, लेकिन दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई और न ही मेडिकल करने वाले चिकित्सक ने अपने बयान में इसकी पुष्टि की। जिसके बाद लड़की से पूछताछ हुई तो वह दुष्कर्म की बात से मुकर गई और अपने साथ छेड़छाड़ और अपहरण की बात कही। शहर के सीसीटीवी खंगाले गए तो लड़की के पूर्व में दिए बयान और उनमें भिन्नता मिली।
जिसके बाद दुष्कर्म की धारा मुकदमे से हटा दी गई। अब चारों लड़कों में से 29 वर्षीय गौजाजाली निवासी ऋषि सागर उर्फ मनोज और दुर्गा कालोनी गौजाजाली निवासी 38 वर्षीय मनोज को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। कोतवाल उमेश कुमार मलिक ने गौजाजाली निवासी 26 वर्षीय अक्षित और देवलचौड़ बंदोबस्ती निवासी 30 वर्षीय धम्मी उर्फ धमकीर्ति उर्फ सोनू की गिरफ्तारी देर से होने की वजह से मंगलवार को रिमांड लेकर कोर्ट में पेश किया जाएगा। आरोपियों पर धारा 366 और 354 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
