Hamirpur: जानलेवा हमले में तीन दोषियों को दस साल की सजा; 12 साल पहले धारदार औजार से किया था हमला...
कोर्ट ने दोषियों को दस-दस साल की सजा के साथ आठ हजार रुपये अर्थदंड लगाया
हमीरपुर, अमृत विचार। धारदार औजार से जानलेवा हमला करने के 12 साल पुराने मामले में अपर सत्र विशेष न्यायाधीश सुशील कुमार खरवार की अदालत ने फैसला सुनाया है। कोर्ट ने दोषी तीन लोगों को 10-10 साल की सजा व प्रत्येक पर आठ हजार का अर्थदंड लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता राजेश तिवारी ने बताया कि मौदहा थानाक्षेत्र के कस्बा मोहल्ला मराठीपुरा निवासी पीड़ित नाथूराम ने 31 जनवरी 2011 को दी तहरीर में बताया था कि मोहल्ले से लगे गांव फत्तेपुर निवासी मुन्ना उर्फ रामकुमार, कृष्णकांत उर्फ बच्चा, भीम व विनोद विद्यालय आने जाने वाली लड़कियोंं के साथ छेड़खानी कर उन्हें परेशान करते थे। साथ ही स्थानीय दुकानदारों से हफ्ता वसूली करते थे।
बताया कि अपना एक गिरोह बना रखा था। जिससे मोहल्ले के लोग इनकी हरकतों से भयभीत थे। बताया कि उसके पुत्र शिवनायक व उसके साथी आशीष शर्मा व दीपू सिंह ने कई बार इनकी हरकतों का विरोध किया। जिससे उक्त लोग इनसे बुराई मानते थे। बताया कि 29 जनवरी को पौथिया निवासी अजीत सचान का शादी का निमंत्रण उसे व आशीष एवं दीपू का भी था।
जहां जाने के लिए उसका पुत्र शिवनायक, आशीष व दीपू रात आठ बजे गाड़ी मालिक गब्बू के यहां जा रहे थे। रास्ते में रामसरण सिंह को चलने के लिए बुलाने लगे। तभी हरीशंकर नाई के मकान के पास रास्ते में उनके चिल्लाने की आवाजें आईं। जिसे सुनकर वह व रामशरण सिंह दौड़कर पहुंचे तो देखा कि फत्तेपुर निवासी रामकुमार उर्फ मुन्ना, कृष्णकांत उर्फ बच्चा, भीम व विनोद अपने हाथों में कुल्हाड़ी व डंडा लिए उसके पुत्र को मार रहे थे।
उनके ललकारने पर धमकी देते हुए भाग गए। जिसका इलाज कानपुर में चलता रहा है। पुलिस ने धारदार हथियार से जानलेवा हमला करने का मामला उक्त चारों लोगों पर दर्जकर आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दो भाइयों रामकुमार उर्फ मुन्ना, कृष्णकांत उर्फ बच्चा सहित भीम को सजा सुनाई है। जबकि एक आरोपी विनोद की मुकदमा दौरान मौत हो गई। अदालत ने क्षतिपूर्ति के रूप में 10 हजार की धनराशि पीड़ित पक्ष को दिए जाने का आदेश दिया है।
