अंकित हत्याकांड: घटनास्थल पर स्टेट मेडिको लीगल टीम ने कराया सीन रिक्रिएशन, पुलिस के हाथ लगे अहम सुराग

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Edited By Amrit Vichar
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वारदात के 12 वें दिन घटनास्थल पर पहुंचे स्टेट मेडिको लीगल टीम के डायरेक्टर गयासुद्दीन खां

गोंडा, अमृत विचार। नर्सिंग सहायक अंकित तिवारी हत्याकांड का सच जानने के लिए वारदात के 12वें दिन मंगलवार को स्टेट मेडिको लीगल टीम के विशेषज्ञ गोंडा पहुंचे और घटनास्थल पर पहुंचकर इस वारदात की पड़ताल की। टीम ने क्राइम सीन का रिक्रिएशन कराया और इस मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने की कोशिश की। 

पुलिस सूत्रों की माने तो जांच के दौरान कई अहम सुराग पुलिस के हाथ लगे हैं। इन्हें आपस में जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है‌। माना जा रहा है कि जल्द ही पुलिस इस घटना का पर्दाफाश कर सकती है‌।‌ मोतीगंज थाना क्षेत्र के अचलपुर गांव के रहने वाले अंकित तिवारी की बीते 25 जनवरी की शाम को नृशंष तरीके से हत्या कर दी गयी थी और उसका शव रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया गया था। 

अंकित नगर कोतवाली क्षेत्र के सर्कुलर रोड स्थित नारायणा हॉस्पिटल में नर्सिग सहायक के तौर पर काम कर रहा था। घटना वाले दिन अंकित का अस्पताल के संचालक डा दीपक सिंह से विवाद हुआ था। आरोप है कि शराब और सिगरेट लाने से इंकार करने पर डा दीपक ने अंकित की पिटाई की थी। विवाद के बाद अंकित अस्पताल से बाहर चला गया था। इसके कुछ ही घंटे बाद अंकित का शव सतईपुरवा के निकट रेलवे ट्रैक पर पड़ा मिला था‌।

इस मामले में मृतक के चाचा सुनील ने जीआरपी थाने में नारायणा हॉस्पिटल के संचालक डा दीपक सिंह व दो अज्ञात के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छिपाने की रिपोर्ट दर्ज करायी थी। पांच दिन तक घटना की जांच पड़ताल करने के बाद जीआरपी ने वारदात स्थल को अपने सीमा क्षेत्र से बाहर बताते हुये जांच से पल्ला झाड़ लिया था और मामले को जिला पुलिस को ट्रांसफर कर दिया था। तब से एसओजी समेत पुलिस की चार टीमें घटना की पड़ताल में जुटी हैं।

हालांकि इस जांच पड़ताल में वारदात से संबंधित कोई ठोस सुराग पुलिस को नहीं मिल सका है। मृतक अंकित का मोबाइल फोन भी अभी नहीं बरामद हुआ है। पुलिस की जांच सर्विलांस के जरिए आगे बढ़ रही है। पुलिस मृतक अंकित के मोबाइल लोकेशन के आधार पर घटना की कड़ी को जोड़ने की कोशिश कर रही है लेकिन अब तक‌ कोई खास कामयाबी नहीं मिल सकी थी। इस पर एसपी ने स्टेट मेडिको लीगल टीम से जांच में सहयोग मांगा था।

मंगलवार को स्टेट मेडिको लीगल टीम के विशेषज्ञ गोंडा पहुंचे और घटनास्थल पर जाकर वारदात का गहनता से परीक्षण किया। टीम के विशेषज्ञ गयासुद्दीन खान ने रेलवे ट्रैक का मुआयना किया और क्राइम सीन रिक्रिएशन के जरिए इस मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने की कोशिश की‌।‌ वहीं पुलिस सूत्रों का कहना है कि इस घटना से जुड़े कई अहम सुराग जांच कर रही टीमों के हाथ लगे हैं। इन्हें आपस में जोड़कर नतीजा निकालने की कोशिश की जा रही है। जल्द ही इस मामले का पर्दाफाश किया जा सकता है।

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