Video : निदेशक से मिले आजीविका मिशन के कर्मचारी, नहीं बनी बात
लखनऊ, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन संघ का प्रतिनिधि मंडल गुरुवार को मिशन निदेशक से मिला। इस दौरान प्रतिनिधि मंडल ने कर्मचारियों की समस्या बताने के साथ ही मिशन निदेशक के समाने अपनी मांग रखी, लेकिन इस सब के बाद भी कर्मियों को कोई राहत मिलती नजर नहीं आ रही है।
दरअसल, उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत काम करने वाले कर्मचारी 71 दिन से लगातार इको गार्डन में धरने पर बैठे हैं। कर्मचारी वेतन बढ़ोतरी, दुर्घटना बीमा, ट्रांसफर पॉलिसी, भत्ता समेत अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। आरोप है कि उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के आश्वासन के बाद भी अधिकारी कोई सुनवाई नहीं कर रहे हैं। यही कारण है कि आज यानी गुरुवार को प्रदेश भर से कार्मचारी इको गार्डन पहुंचे। इस दौरान कर्मचारियों का दुख और आक्रोश उनकी बातों से झलक रहा था। सालों से कम वेतन में काम कर रहे कर्मचारियों की आर्थिक हालत दिन प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है। लेकिन अधिकारी है कि कागज कार्रवाई में ही समय बर्बाद कर रहे हैं।
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— amrit vichar (@amritvicharlko) February 8, 2024
उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन संघ के प्रदेश अध्यक्ष योगेश ने बताया कि मिशन निदेशक से मिलकर बात की गई। शासन के निर्देश हैं कि कर्मचारियों का वेतन गवर्निंग बॉडी और सरकार की पॉलिसी के अनुरूप बढ़ाने का निर्णय विभाग ले सकता है। गवर्निंग बॉडी ने पूर्व में ही कर्मचारियों का वेतन 30 से 40 फीसदी तक बढ़ाने की बात कही थी, लेकिन मिशन निदेशक ने एक बार फिर वेतन वृद्धि की बात को गर्वनिंग बॉडी में ले जाने की बात कही है। इस तरह से अधिकारियों ने सिर्फ कर्मचारियों का समय खराब करने का मन बना रखा है। उन्हें कर्मचारियों के लिए करना कुछ नहीं है। लोग अपने पास से इलाज करा रहे हैं, लेकिन उन्हें बीमा पॉलिसी का हक नहीं दिया जा रहा है।
बता दें कि पूरे उत्तर प्रदेश में करीब साढ़े तीन हजार कर्मचारी उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत कार्य कर रहे हैं। आरोप है कि बीते दस साल में एक बार भी उनका वेतन नहीं बढ़ा। इतना ही नहीं इन कर्मचारियों का दुर्घटना बीमा नहीं है। जिसकी वजह से इन सालों मे करीब 50 से अधिक कर्मचारियों की मौत होने से उनके परिजनो को कोई मदद नहीं मिल पाई।
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