निजीकरण पर ऊर्जा प्रबंधन की हठवादिता के चलते वार्ता बेनतीजाः बिजलीकर्मी
लखनऊ, अमृत विचार। निजीकरण पर ऊर्जा निगम प्रबंधन के हठवादी रवैये के चलते अपर मुख्य सचिव (ऊर्जा), उप्र शासन व अध्यक्ष, पावर कारपोरेशन अरविंद कुमार एवं विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष प्रतिनिधियों के मध्य शक्ति भवन में शनिवार को हुई वार्ता बेनतीजा रही। संघर्ष समिति ने एक बार दोबारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से प्रभावी हस्तक्षेप किए …
लखनऊ, अमृत विचार। निजीकरण पर ऊर्जा निगम प्रबंधन के हठवादी रवैये के चलते अपर मुख्य सचिव (ऊर्जा), उप्र शासन व अध्यक्ष, पावर कारपोरेशन अरविंद कुमार एवं विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष प्रतिनिधियों के मध्य शक्ति भवन में शनिवार को हुई वार्ता बेनतीजा रही। संघर्ष समिति ने एक बार दोबारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से प्रभावी हस्तक्षेप किए जाने की अपील की है, जिससे ऊर्जा क्षेत्र में टकराव की स्थिति समाप्त हो एवं बिजलीकर्मी पूर्ववत् निष्ठापूर्वक निर्बाध विद्युत आपूर्ति के कार्य में जुटे रह सके।
वार्ता के दौरान विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों ने 5 अप्रैल, 2018 को ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा के साथ हुए लिखित समझौते ‘‘उप्र में विद्युत वितरण निगमों की वर्तमान व्यवस्था में ही विद्युत वितरण में सुधार हेतु कर्मचारियों एवं अभियन्ताओं को विश्वास में लेकर सार्थक कार्यवाही की जाएगी। कर्मचारियों एवं अभियन्ताओं को विश्वास में लिए बिना उप्र में किसी भी स्थान पर कोई निजीकरण नही किया जाएगा’’का पालन करते हुए पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लि. के निजीकरण की प्रक्रिया को निरस्त करने की मांग की।
संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों ने यह भी कहा कि समझौते के अनुसार प्रबंधन बिजली कर्मचारियों, जूनियर इंजीनियरों एवं अभियंताओं को विश्वास में लेकर सार्थक कार्यवाही करे, जिस पर प्रबंधन द्वारा कुछ भी पहल नहीं की गई। संघर्ष समिति ने दोबारा प्रस्ताव दिया कि समझौते के अनुसार निजीकरण की प्रक्रिया तत्काल निरस्त कर सुधार की कार्य योजना बनाई जाए जिसके लिए बिजलीकर्मी संकल्पबद्ध है। संघर्ष समिति के सुधार के संकल्प के बावजूद ऊर्जा निगम प्रबंधन निजीकरण पर अड़ा रहा एवं निजीकरण करने के प्रस्ताव को निरस्त करने की मांग को अस्वीकार कर दिया, जिससे वार्ता बेनतीजा रही।
वहीं शांतिपूर्ण आंदोलन के चौथे दिन जारी तीन घंटे के कार्य बहिष्कार के दौरान प्रदेश में राजधानी लखनऊ समेत अनपरा, ओबरा, मेरठ, नोएडा, गाजियाबाद, सहारनपुर, बुलन्दशहर, गोरखपुर, आजमगढ़, वाराणसी, प्रयागराज, मिर्जापुर, कानपुर, झांसी, मुरादाबाद, बरेली, बांदा, आगरा, अलीगढ़, पनकी, पारीछा, हरदुआगंज, बस्ती, अयोध्या, देवीपाटन, पिपरी समेत सभी जनपद मुख्यालयों एवं परियोजनाओं पर विशाल विरोध सभाएं हुईं।
शक्ति भवन लखनऊ पर हुई विरोध सभा में संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लि0 के विघटन/निजीकरण/अन्य संस्थानों को हैण्डओवर किए जाने के प्रस्ताव के विरोध में बिजलीकर्मी विगत एक सितम्बर से शांतिपूर्ण ध्यानाकर्षण आन्दोलन चला रहे हैं, लेकिन प्रबंधन ने समस्या के समाधान के लिए सार्थक प्रयास न कर शांतिपूर्ण आंदोलन को हड़ताल बताकर सरकार को गुमराह कर रहें है और बिजली कर्मचारियों पर हडताल थोपने का कार्य कर रहे हैं।
