कानपुर: CSJMU के 59वें स्थापना दिवस पर रुद्राभिषेक व रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए; युवाओं को मिली राष्ट्र सेवा की सीख...
कानपुर, अमृत विचार। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस समारोह में शिक्षा, सेवा और संस्कृति का संगम रहा। समारोह के अंतिम दिन शुक्रवार को विभिन्न आयोजन हुए। इनमें रुद्राभिषेक, स्वास्थ्य शिविर और सम्मान समारोह हुए। युवाओं को अच्छी नौकरी के साथ राष्ट्र सेवा और समर्पण का मंत्र दिया गया।
आयोजन की शुरुआत विश्वविद्यालय के श्री विश्वेश्वर महादेव मंदिर में रुद्राभिषेक से हुई। पूजन में डॉ. श्रवण कुमार द्विवेदी, डॉ. स्वयं प्रकाश अवस्थी के साथ आचार्यों के समूह ने पाठ किया। वरिष्ठ आयुर्वेदाचार्य डॉ वंदना पाठक, कुलसचिव डॉ अनिल कुमार यादव, अधिष्ठाता, छात्र प्रकोष्ठ प्रो. नीरज सिंह, प्रो.बीडी पाण्डेय उपस्थित रहे।
समारोह में मुख्य अतिथि लोहिया कॉर्पोरेशन के चेयरमैन राजकुमार लोहिया ने कहा कि वह इसी विश्वविद्यालय के छात्र रहे हैं। लेकिन आज विश्वविद्यालय के बदले स्वरूप और सुविधाएं देखकर आश्चर्यचकित हैं। उन्होंने घोषणा की कि वह 100 मेधावी छात्रों को मेंटरशिप प्रदान करेंगे। कार्यक्रम में कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक, प्रति कुलपति प्रो. सुधीर कुमार अवस्थी मौजूद रहे। रंगारंग कार्यक्रमों में युवाओं ने प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय को नैक में पांच पायदान की जो सफलता मिली है, उसके लिए छात्रों के साथ शिक्षकों और अधिकारियों ने भी बेहतरीन काम किया है। उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि अच्छे पैकेज का सपना देखें लेकिन मन में सेवा का भाव जरूर रखें तभी देश के साथ समाज को उनकी उपलब्धियों पर गर्व होगा। समारोह में दीपोत्सव और नैक के साथ विभिन्न कार्यक्रमों में योगदान देने वाले 50 छात्रों-छात्राओं को सम्मानित किया गया।

रामलला का स्केच बनाया
समारोह में काशी विद्यापीठ के सुप्रसिद्ध चित्रकार सुनील विश्वकर्मा ने ‘लाइव अयोध्या’ में प्रतिष्ठित प्रभु राम का स्केच बनाया। उन्होंने कहा कि राम ने प्रेरणा दी, राम ने स्वीकृति दी और राम की मूर्ति बन गई। उन्होंने कहा कि सीएसजेएमयू के छात्रों की ऊर्जा देखकर वह काफी प्रभावित हैं। स्केच देखकर सभागार में युवाओं ने जयश्री राम का जयघोष किया।
शिक्षा किट वितरित हुई
सीनेट हॉल में हुए आयोजन में 51 बच्चों को शिक्षा किट का वितरण हुआ। विश्वविद्यालय की ओर से गोद लिए गये मलिकपुर और टोडरपुर गांव के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय के बच्चे शामिल रहे। महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय राजस्थान के कुलपति डॉ अनिल शुक्ला मौजूद रहे।
