अयोध्या में होगा सद्भावना सदन का निर्माण : लोकेश मुनि
अमेरिकी डेलीगेशन के साथ जैन धर्मगुरु ने किया रामलला का दर्शन
अयोध्या, अमृत विचार। रामलला के दर्शन पूजन के लिए रामनगरी पहुंच रहे श्रद्धालुओं को विश्व स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध हों, इसके लिए यहां पर सद्भावना सदन का निर्माण कराया जाएगा। ये बातें जैन धर्मगुरु लोकेश मुनि ने कही।
वे रविवार को यहां अमेरिकी डेलीगेशन के साथ रामलला का दर्शन-पूजन करने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम का जितना महत्व हिंदू परंपरा में है, उतना ही जैन परंपरा में भी है। बुद्ध और सिख परंपरा में भी रामलला का विशेष महत्व है। जैन धर्म में प्रभु राम का वही सम्मान है जो आदिनाथ ऋषभ और महावीर का है। उन्होंने कहा कि राम भारत की अस्मिता के प्रतीक हैं। अयोध्या जैन धर्म के चार तीर्थंकरों की भी जन्मभूमि है।
इस दौरान उन्होंने कहा कि लोकेश सेवा सद्भावना ट्रस्ट अयोध्या में एक सद्भावना सदन का निर्माण करेगा। जिससे श्रद्धालुओं को विश्व स्तरीय सुविधाएं मिले। लोकेश मुनि ने कहा कि विलेज मोमेंट के प्रमुख डॉ. अनिल शाह के साथ में अयोध्या पहुंचा हूं। अयोध्या उसके आसपास के गांव में बुनियादी सुविधाएं कैसे बेहतर हों, इस पर विचार विमर्श किया जाएगा। अमेरिका से रामनगरी पहुंचे डॉ. अनिल शाह ने कहा कि मैं अयोध्या आया हूं, बहुत खुश हूं। उन्होंने कहा कि अयोध्या में पिछले चार महीने में जो प्रोग्रेस हुआ है उसे देखकर लगता है कि यहां के गांव को भी बढ़ावा मिलना चाहिए। 50 गांव में स्मार्ट विलेज के मॉडल पर बिजनेस लाइन और गांव को बढ़ाया जाएगा।
अच्छे उद्देश्य के साथ की गई यात्रा उपयोगी होती है : लोकेश मुनि
राहुल गांधी की यात्रा पर जैन धर्मगुरु लोकेश मुनीम ने कहा कि अगर यात्रा अच्छे उद्देश्य के साथ देश को जोड़ने और उसकी अखंडता के लिए की जा रही है तो ऐसी यात्राएं उपयोगी होती है। उन्होंने कहा कि यदि यात्राएं अलगाव पैदा करने के लिए हो समाज को बांटने और विखंडित पैदा करने के लिए हो तो धार्मिक क्षेत्र में हिंसा और घृणा का कोई स्थान नहीं है। राहुल गांधी के साथ ही देशवासियों से जैन धर्म गुरु ने अपील की भारत को कैसे वैभवशाली-गौरवशाली बनाया पूरी दुनिया में वसुदेव कुटुंबकम का हो संदेश।
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