गोंडा: परिवार रजिस्टर के खेल में दो एडीओ पंचायत समेत तीन को प्रतिकूल प्रविष्टि
सात महीने से पीड़ित को दौड़ा रहे थे अधिकारी, सम्पूर्ण समाधान दिवस में पहले आई थी शिकायत
गोंडा, अमृत विचार। परिवार रजिस्टर में मृतक के परिवार में दूसरे का नाम शामिल किए जाने की शिकायत को अधिकारियों ने दबाए रखा। जिलाधिकारी नेहा शर्मा के सामने फिर यह शिकायत आई। जिसे उन्होंने गंभीरता से लिया और दो सहायक विकास अधिकारी पंचायत के साथ तीन के विरूद्व विभागीय कार्रवाई की। मंगलवार को उन्होंने तीनों को प्रतिकूल प्रविष्टि दी और डीपीआरओ से रिपोर्ट मांगी है।
जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने बताया कि करनैलगंज में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर इन अधिकारियों द्वारा जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने की पुष्टि हुई थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि यह अधिकारी शिकायतकर्ता को बीते सात महीने से दौड़ा रहे थे। करनैलगंज में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर मंगलवार को रामछबीले मिश्र ने शिकायत किया कि उसके सगे भाई पशुपति नाथ पुत्र अम्बिका प्रसाद अविवाहित थे। उनकी मृत्यु के पश्चात विपक्षी चन्द्र प्रकाश ने फर्जी व कूटरचित तरीके से परिवार रजिस्टर में मृतक पशुपति नाथ के पुत्र के रूप में अपना नाम दर्ज करा लिया। यह कृत्य भाई पशुपति नाथ की सम्पत्ति को हड़पने की नीयत से किया गया है।
उसने बताया कि उनके द्वारा इस सम्बन्ध में बीती 25 जुलाई 2023 और 29 अगस्त 2023 को शिकायती पत्र देने के बावजूद कोई कार्यवाही नहीं की गई है। जिलाधिकारी के स्तर पर की गई प्रारंभिक जांच में ग्राम पंचायत अधिकारी गोनवा सर्वेश कुमार, तत्कालीन सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) गिरजेश पटेल और तत्कालीन सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) महेन्द्र प्रताप सिंह की जिम्मेदारी तय की गई। जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने बताया कि संबंधित अधिकारियों को अपने स्तर पर उपरोक्त शिकायती पत्रों पर विधिवत जांचोपरान्त नियमानुसार कार्यवाही की जानी चाहिए थी। इनके द्वारा तत्समय कोई कार्यवाही नहीं की गई। इसके चलते इन तीनों को विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि जारी की गई है। जिला पंचायत राज अधिकारी को इसका अंकन संबंधितों के सेवा अभिलेखों में कराने के निर्देश दिए गए हैं।
ये भी पढ़ें-मीरजापुर: लेखपाल को पकड़ने गई एंटी करप्शन टीम पर हुआ हमला, मुकदमा दर्ज
