लखनऊ: मोबाइल हमारी निजी प्रापर्टी है... यह तुगलकी फरमान है!, जानिए लोहिया संस्थान के किस आदेश पर इतना गुस्सा हो गए कर्मचारी?
काम के दौरान कर्मचारियों का जमा होगा मोबाइल फोन, कर्मचारी बोले- सीएम योगी से करेंगे शिकायत
लखनऊ, अमृत विचार। डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में कार्यरत कर्मचारियों में आक्रोश व्याप्त हो रहा है कर्मचारियों में यह नाराजगी लोहिया संस्थान प्रशासन के एक आदेश को लेकर है।
लोहिया संस्थान प्रशासन ने एक आदेश पारित कर कर्मचारियों को काम के वक्त मोबाइल फोन जमा करने को कहा है, कर्मचारियों का यह मोबाइल फोन ऑफिस के सुपरवाइजर के पास जमा करना होगा। काम खत्म होने के बाद कर्मचारी अपना मोबाइल फोन सुपरवाइजर से ले सकेंगे। कर्मचारी इसे निजता का हनन बता रहे हैं।
आक्रोशित कर्मचारियों का कहना है कि मोबाइल उनकी निजी प्रॉपर्टी है, ऐसे में मोबाइल जमा करने का आदेश तुगलक्की फरमान जैसा है। राजधानी लखनऊ के किसी भी चिकित्सा संस्थान में इस तरह का आदेश जारी नहीं हुआ है। केवल लोहिया संस्थान में कर्मचारियों का मनोबल तोड़ने के लिए इस तरह का आदेश जारी किया गया है।
इस आदेश के खिलाफ कर्मचारी लंबबंद हो रहे हैं और जल्द ही मुख्यमंत्री से शिकायत करने की बात भी कह रहे हैं। कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें दबाने के लिए यह सब काम किया जा रहा है। वह आउटसोर्सिंग पर तैनात है इसलिए उनके साथ इस तरह का आदेश निकालकर दुर्भावना पूर्ण कार्य किया जा रहा है।
वही लोहिया संस्थान के चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर विक्रम सिंह की मानें तो यह आदेश सभी कर्मचारियों पर नहीं बल्कि संस्थान के 40 कर्मचारियों पर लागू होगा। यह सभी 40 कर्मचारी आउटसोर्सिंग कर्मचारी हैं और इनकी तैनाती पर्चा काउंटर पर की जाती है। इन्हीं कर्मचारियों के मोबाइल जमा करने का आदेश दिया गया है। डॉ विक्रम सिंह के मुताबिक लोहिया संस्थान की व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए दो घंटे के लिए मोबाइल जमा करने का यह आदेश जारी किया गया है।
