Kanpur: अच्छी, साफ और सुंदर दिखने वाली सब्जियां कर रहीं बीमार; केमिकल के प्रयोग से बनती चमकदार...
कानपुर, अमृत विचार। बाजारों में दिखने वाली अच्छी, साफ, सुंदर व चमकदार सब्जियां शरीर को नुकसान पहुंचा रही हैं। अंधाधुंध कीटनाशकों के प्रयोग से उनका केवल 30 फीसदी हिस्सा फसलों को प्राप्त होता है और बाकी 70 फीसदी हिस्सा हवा, पानी व मृदा में जाता है, जो मानव शरीर के लिए बेहद हानिकारक होता है। यह जानकारी सीएसए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आनंद कुमार सिंह ने जीएसवीए मेडिकल कॉलेज में दी।
मेडिकल कॉलेज के बॉयोकेमिस्ट्री विभाग ने शुक्रवार को एलटी-वन में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के प्रोजेक्ट तहत कार्यशाला का आयोजन किया। जिसका विषय “पेस्टीसाइड और स्वास्थ्य हम किस ओर जा रहे है” रहा। उद्घाटन सीएसए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.आनंद कुमार सिंह, कॉलेज के प्राचार्य प्रो.संजय काला समेत अन्य विशेषज्ञों ने किया। सीएसए के कुलपति ने बताया कि बाजारों में अच्छी व चमकदार दिखने वाली सब्जियां शरीर के लिए अधिक नुकसानदेह होती हैं क्योंकि इन्हें कृत्रिम तरीकों से केमिकलों से चमकदार बनाया जाता है और साफ किया जाता है।
फसलों में मानक से अधिक कीटनाशक के प्रयोग से जमीन पर इसका असर पड़ता है। प्राचार्य प्रो.संजय काला ने बताया कि गांवों के लोगों में भी कैंसर की समस्या अधिक बढ़ी है। इसलिए हैवी मेटल और कीटनाशकों के प्रयोग से गाल ब्लैडर में होने वाले कैंसर के संबंध में एक शोध कार्य किया जा रहा है। यूसीएमएस मेडिकल कॉलेज दिल्ली से डॉ. बीडी बनर्जी ने अपना शोध प्रस्तुत किया। बताया कि भोजन व पानी में कीटनाशकों के अवशेष बचे होने के कारण स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। दीर्घकाल में कैंसर, डायबिटीज जैसी बीमारियां बढ़ रही हैं।
डीएनए में होता बदलाव
प्राचार्य प्रो.संजय काला ने बताया कि कीटनाशक सब्जियों के माध्यम से शरीर में प्रवेश करते हैं उसके बाद पेस्टीसाइड खून में जाता है और तब शरीर कई प्रकार की बीमारियों से ग्रस्त होता है। खून में पेस्टीसाइड मिलने से डीएनए में बदलाव होता है। इसलिए सब्जियों को अच्छी तरह से धोना चाहिए। अगर हो सके तो सब्जियों को गर्म पानी से धोने के बाद उसे अच्छी तरह से पकाना चाहिए।
