बरेली: हंगामे के बीच शहर के विकास के लिए 4.34 अरब का बजट पास
बरेली, अमृत विचार। करीब छह माह की देरी के बाद सोमवार को शहर के विकास के लिए नगर निगम की बोर्ड की बैठक में 434 करोड़ रुपये का बजट हंगामे और विरोध प्रदर्शन के बीच पास हुआ। लेखाधिकारी ने घाटे का बजट पेश किया। इससे पहले जन समस्याओं को लेकर मेयर, अधिकारी, सदन में मौजूद …
बरेली, अमृत विचार। करीब छह माह की देरी के बाद सोमवार को शहर के विकास के लिए नगर निगम की बोर्ड की बैठक में 434 करोड़ रुपये का बजट हंगामे और विरोध प्रदर्शन के बीच पास हुआ। लेखाधिकारी ने घाटे का बजट पेश किया। इससे पहले जन समस्याओं को लेकर मेयर, अधिकारी, सदन में मौजूद पार्षदों के साथ विस्तार से चर्चा की गई। बजट सत्र में खामियों को लेकर कई पार्षदों ने हंगामा करते हुए विरोध जताया। एक पार्षद ने सदन में धरना दिया और एक ने अफसरों की कार्यशैली से दुखी होकर इस्तीफे की पेशकश की।
कई मुद्दों पर जमकर शोरगुल हुआ और अधिकारी, पार्षद आमने-सामने हो गए। इस बार शहर के विकास को लेकर कोई नई योजना तैयार नहीं की गई है। कोरोना संक्रमण के कारण इस बार नगर निगम की वार्षिक बजट बैठक मार्च में नहीं हो सकी थी। इसके बाद मई में कार्यकारिणी के पार्षदों की बैठक के बाद जगह के अभाव में यह बैठक टलती रही। समय अधिक बीतने के कारण कार्य प्रभावित होने लगे थे। इसे देखते हुए आईएमए हॉल में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए सुबह करीब 11 बजे बैठक प्रारम्भ की गई।
शहर के विकास के लिए नगर निगम का इस बार (वित्तीय वर्ष 2020-21) का बजट ‘बिना लाभ-हानि’ का रहा। कोरोना संक्रमण के कारण नगर निगम की आय घटी है। इस बार औसतन 70 प्रतिशत राजस्व का घाटा हुआ है। इसके कारण कई मदों कटौती की गई है। बैठक में मेयर डा. उमेश गौतम ने अंत में बजट को सर्वसम्मति से पास कर दिया। इस मौके पर नगरायुक्त अभिषेक आनंद, संयुक्त नगरायुक्त अजीत कुमार सिंह, सहायक नगर आयुक्त विवेक त्रिपाठी, लेखाधिकारी अनुराग, संजय सिंह चौहान व पार्षद, अधिकारी मौजूद रहे।
भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे अधिकारी, फटकार
बजट पेश करने से पहले सदन में जब पार्षदों से चर्चा करने की बात आई तो कुछ अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगे। पार्षदों के आक्रोश के सामने पथ प्रकाश विभाग, कर विभाग, स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की बोलती बंद हो गई। इस पर मेयर ने कुछ जिम्मेदार अफसरों की सदन में फटकार भी लगाई। करीब आधे घंटे तक पार्षदों ने अपने- अपने क्षेत्र की जनसमस्याओं के साथ अपनी भी पीड़ा को सदन में रखा। बानखाना वार्ड के पार्षद शमीम अहमद और विपुल लाला ने कहा कि डोर टू डोर कूड़ा उठान से कुछ नहीं होने वाला है। नाला सफाई, नाला निर्माण में हो रहे गोलमाल को लेकर तीखी बहस हुई। शमीम अहमद ने बताया कि वार्ड में नाला निर्माण में गड़बड़ी की गई है। जैसे-तैसे नाला बनाया गया है। इसके कारण जल निकासी की समस्या से लोग जूझ रहे हैं। सड़कों पर पानी जमा हो जा रहा है। नाला में कमीशनखोरी की गई है।
यूनिपोल, लाइट, नाला निर्माण को लेकर हुआ हंगामा
लंच के बाद जब फिर से बैठक शुरू हुई तो शहर में लग रहे यूनिपोल और विज्ञापन को लेकर एक बार फिर सदन का माहौल गर्म हो गया। इप पर संयुक्त नगर आयुक्त अजीत कुमार सिंह सफाई देते रहे लेकिन पार्षदों ने जमकर आरोप लगाया। अफसरों की मिलीभगत से लाखों के खेल की पोल खोलते हुए पूर्व उपसभापति अतुल कपूर ने बताया कि जिन चहेती एजेंसियों को कार्य दिया गया है उनका रिकार्ड दिखाया जाए। संयुक्त नगरायुक्त ने कहा कि एजेंसियों से पोर्टल पर आवेदन मांगे गए थे। पार्षदों ने कहा कि चहेते लोगों को ठेके दिए गए। आवेदन के नाम पर कागजी खानापूर्ति की गई है। इसके कारण विज्ञापन पर करोड़ों रुपये का गोलमाल करने की साजिश रची गई है। उन्होंने इस मामले की जांच कराने की मांग की।
निगम को बदनाम कर रहे कर विभाग के मठाधीश, सीएम से करेंगे शिकायत
बजट बैठक में जब टैक्स विभाग के अफसरों पर पार्षदों ने सवाल खड़े किए तो मेयर को खुद कहना पड़ा कि कर विभाग की वजह से नगर निगम की बदनामी हो रही है। कुछ मठाधीश हैं, टैक्स विभाग में बड़े मगरमच्छ बैठे हैं जिनकी शिकायत मुख्यमंत्री से होगी। इस पर एक अधिकरी ने खुद को मठाधीश समझ लिया और उसे मेयर की बात नागवार गुजरी। उन्होंने कर विभाग की अभी तक की वसूली अधिक होने की बात कही।
टैक्स विभाग में चल रहा पैसे का खेल
भाजपा पार्षद दल के नेता छंगामल मौर्य ने कहा कि टैक्स विभाग में केवल पैसे का खेल चल रहा है। अधिकारी मनमानी कर रहे हैं। गौरव सक्सेना ने कहा कि नामांतरण के लिए लोग एक साल से नगर निगम का चक्कर काट रहे है। इनकी कोई सुनवाई नहीं है। इस बात को मेयर ने खुद स्वीकार किया कि गड़बड़ी की जा रही है। इसी सप्ताह एक बैठक नगरायुक्त के साथ की जाएगी। जांच होगी, दोषी अधिकारी, कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अगर सुधार नहीं हुआ तो यहा से हटवाने का का कार्य किया जाएगा।
“शहर के विकास को ध्यान में रखते हुए बजट तैयार किया गया है। इससे विकास को नया आयाम मिलेगा। भारी भरकम बजट होने से कई काम कई होंगे। सभी सड़कों को चकाचक करने के लिए बजट आवंटित किया गया है। किसी भी वार्ड के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा।”— डा. उमेश गौतम, मेयर
“बजट तो अच्छा है लेकिन नगर निगम का आय पक्ष बेहद कमजोर होता जा रहा है। वहीं व्यय अधिक हो रहा है। इस पर सोचना होगा। अधिक से अधिक टैक्स की वसूली पर ध्यान देना होगा। किसी भी हाल में आय को बढ़ाना होगा।”–राजेश अग्रवाल, नेता सपा पार्षद दल
