बरेली: निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारियों ने शुरू की अनिश्चितकालीन हड़ताल
बरेली, अमृत विचार। निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारियों ने सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर मुख्य अभियंता कार्यालय में सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन व नारेबाजी की। उनका कहना है कि अगर जल्द ही निजीकरण का फैसला वापस नहीं लिया गया तो वह बड़े पैमाने पर सड़कों …
बरेली, अमृत विचार। निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारियों ने सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर मुख्य अभियंता कार्यालय में सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन व नारेबाजी की। उनका कहना है कि अगर जल्द ही निजीकरण का फैसला वापस नहीं लिया गया तो वह बड़े पैमाने पर सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे।
संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर मुख्य अभियन्ता प्रांगण में बरेली इकाई द्वारा संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद घिल्डियाल की अध्यक्षता में सभा का आयोजन किया गया। इसमें अजय दीक्षित ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले एक माह से पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लि. का निजीकरण रोकने और इलेक्ट्रीसिटी एमेंडमेंट बिल-2020 को सरकार से वापस लिये जाने के लिए कार्य बहिष्कार किया। पावर कॉरपोश्न के अधिकारियों से बात करने के बाद भी कोई नतीजा नहीं निकलने की वजह से जिले के एक हजार से अधिक बिजली कर्मचारी काम ठप कर हड़ताल पर बैठ गए।
आकांक्षा राज ने कहा कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लि. बिना भेदभाव के किसानों और गरीब उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति कर रहा है। निजी कंपनी अधिक राजस्व वाले वाणिज्यिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं को प्राथमिकता पर बिजली देगी जैसा कि ग्रेटर नोएडा और आगरा में हो रहा है। निजी कम्पनी लागत से कम मूल्य पर किसी उपभोक्ता को बिजली नहीं देगी। इंजीनियर गौरव शर्मा ने कहा कि ऊर्जा प्रबंधन और सरकार ने कर्मचारियों पर अनावश्यक रूप से हड़ताल थोपने की नीति बनाई है।
अगर हड़ताल के दौरान किसी भी कर्मचारी का उत्पीड़न किया गया तो ऊर्जा निगमों के तमाम बिजली कर्मचारी, जूनियर इंजीनियर और अभियन्ता उसी समय अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर सामूहिक रूप से जेल भरो आंदोलन शुरू कर देंगे। इस मौके पर इं. सैयद तारिक जलील, इं. निखिल कुमार नायक, इं. प्रदीप भारती, इं. गौरव शुक्ला, इं. स्वप्निल, इं. नीरज यादव, इं. रजित कुमार, इं. नकुल रावत, इं. अनिल कुमार समेत अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
उपभोक्ताओं को हुई परेशानी
निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने से बिल संबधित और अन्य शिकायतें लेकर आने वाले उपभोक्ताओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। बाद में काम न होने पर वह निराश होकर वापस लौट गए। हालंकि प्राइवेट कर्मचारियों द्वारा बिलिंग केन्द्र पर लोग बिल जमा करते रहे। कार्य बहिष्कार के दौरान अगर कोई कर्मचारी कार्यालय में काम करता हुआ मिला तो साथी कर्मचारियों ने उसका काम बंद करवाकर कार्यालय में ताले डलवा दिए।
कलेक्ट्रेट में खुला कंट्रोल रूम, 24 घंटे सुनी जाएंगी बिजली संबंधी शिकायतें
बिजली का निजीकरण करने के विरोध में विद्युत कर्मचारी संयुक्त मोर्चा समिति द्वारा प्रांतव्यापी आंदोलन किया जा रहा है। इस वजह से बिजली की दिक्कतें सामने आ सकती हैं। उसी के दृष्टिगत बिजली उपभोक्ताओं की शिकायतों को जानकर उनका निस्तारण कराने के लिए जिलाधिकारी नितीश कुमार ने सोमवार को कलेक्ट्रेट में कक्ष संख्या-16 (न्यायालय अपर जिलाधिकारी वित्त) में कंट्रोल रूम स्थापित किया है। कंट्रोल रूम को 24 घंटे सुचारू रखने के लिए दो प्रभारी अधिकारी तैनात किए गए हैं। शिकायतें सुनकर निस्तारित करने के लिए 18 विद्युत कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है। ड्यूटी अग्रिम आदेश तक चालू रहेगी। अधिकारी व कर्मचारियों को आदेश देते हुए डीएम ने कहा कि निर्धारित समय पर कंट्रोल रूम में उपस्थित होकर ड्यूटी का कार्य पूर्ण करें। किसी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। यह भी निर्देश दिए हैं कि टेलीफोन और व्हाट्सएप नंबरों पर आने वाली सूचनाओं को रजिस्टर में अंकित करें। तत्काल समस्या का निराकरण कराएं। समय-समय पर उच्चाधिकारियों को भी अवगत कराएं।
ये हैं कंट्रोल रूम के नंबर
0581-2457150
6397387457
7311195753
