उम्मीद की किरण

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Edited By Amrit Vichar
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दुनियाभर में चल रही कोरोना महामारी के बीच रविवार को वह खुशखबरी सामने आई जिसे लोग उम्मीद की एक किरण के रूप में देख रहे हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन सिंह का कहना है कि अगले साल जुलाई तक 40 से 50 करोड़ कोरोना टीके की खुराक तैयार करने और 25 करोड़ लोगों को …

दुनियाभर में चल रही कोरोना महामारी के बीच रविवार को वह खुशखबरी सामने आई जिसे लोग उम्मीद की एक किरण के रूप में देख रहे हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन सिंह का कहना है कि अगले साल जुलाई तक 40 से 50 करोड़ कोरोना टीके की खुराक तैयार करने और 25 करोड़ लोगों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा गया है। उनका यह बयान देश के लोगों के लिए एक उम्मीद भरी बात है।

आखिर देर सवेर कोरोना वैक्सीन लोगों के लिए उपलब्ध हो सकेगी और देश-दुनिया के लोग कोरोना के चलते रहने वाले तमाम बंधनों को तोड़कर फिर सामान्य स्थितियों में आ सकेंगे। कोरोना का पहला मामला चीन में जनवरी 2019 को आया था। इसके बाद संक्रमण ने फैलना शुरू किया और मार्च 2020 आते-आते संक्रमण करीब-करीब एक तिहाई दुनिया में फैल चुका था। जाहिर है, संक्रमण रोकने के लिए तात्कालिक कदम उठाते हुए लाॅकडाउन उस वक्त की अनिवार्यता बन गई थी, लिहाजा मार्च माह में देश में लाॅकडाउन शुरू हो गया।

करीब तीन महीने लाॅकडाउन के बाद फिर अनलॉक की प्रक्रिया शुरू हुई और यह बात साफ हो गई थी कि देश-दुनिया को कोरोना संक्रमण के चलते पूरी तरह कैद कर नहीं रखा जा सकता है। लिहाजा अनलॉक के अगले चरण में अब सिनेमा हाल के साथ ही स्कूलों को खोलने को लेकर भी बातें हो रही हैं। एक ऐसे माहौल में जब दुनिया अब पूरी तरह अनलॉक होने की तरफ बढ़ रही है, ऐसे में संक्रमण का खतरा कम तो हो नहीं सकता। ऐसे में, एक मात्र उम्मीद कोरोना का टीकाकरण ही है। अब चूंकि स्वास्थ्य मंत्री कह चुके हैं कि अगले साल जुलाई महीने तक टीका उपलब्ध हो जाएगा तो यह साफ है कि इस दिशा में बहुत सकारात्मक पहल हुई है।

भारत के साथ ही तमाम देशों में वैक्सीन परीक्षण के अंतिम दौर चल रहे हैं। टीका वितरण को लेकर राज्यों से जानकारी भी मांगी जा रही है ताकि पहली पंक्ति के स्वास्थ्य कर्मियों को टीका लगाया जा सके। उनका टीकाकरण होने के बाद आम लोगों को भी टीका लगाया जा सकेगा, ऐसी उम्मीद जरूर है। महत्वपूर्ण बात यह है कि हमारे देश ने कोरोना टीके को लेकर किसी भी तरह की जल्दबाजी नहीं दिखाई है जिससे टीकाकरण को लेकर कोई संशय रहे। उम्मीद है कि इस दिशा में चल रहे वैज्ञानिक शोध जल्द पूरे हों ताकि दुनिया को महामारी से निजात मिल सके।