सपा प्रमुख के तंज पर नंदी का जवाब बोले, टोटी दिखते ही याद आते हैं अखिलेश, विरासत में गद्दी मिल सकती है बुद्धि नहीं

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

प्रयागराज, अमृत विचार। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के काफिले की गाड़ियों के दुर्घटनाग्रस्त होने के मामले में सपा मुखिया अखिलेश यादव के बयान पर योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने पलटवार किया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा है कि विरासत में गद्दी मिल सकती है ,लेकिन बुद्धि नहीं मिल सकती है। 

उन्होंने कहा है कि अखिलेश यादव को कोई भी गंभीरता से नहीं ले रहा है। वह समाजवादी पार्टी को समाप्तवादी पार्टी बना रहे हैं। अखिलेश यादव खुद अपनी समाजवादी पार्टी की ताबूत में आखिरी कील ठोंकने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा है कि उनकी पार्टी में रहे स्वामी प्रसाद मौर्य जैसे नेता सनातन धर्म को उनके इशारे पर अपमानित करते रहे हैं और इसके साथ ही अखिलेश यादव अपनी बचकानी हरकतों के लिए भी जाने जाते रहे हैं। 

मंत्री नंदी ने कहा है कि जो व्यक्ति खुद मेहनत कर आगे बढ़ता है उसे लोगों की समस्याओं का भी पता रहता है। लेकिन अखिलेश यादव को राजनीति अपने पिता मुलायम सिंह यादव से विरासत में मिली थी। 2012 में मुलायम सिंह यादव को जनता ने जनादेश दिया था। लेकिन उन्होंने गद्दी अखिलेश यादव को सौंप दी। इसलिए विरासत में गद्दी तो मिल सकती है, लेकिन बुद्धि नहीं मिल सकती है। यही वजह है कि अखिलेश यादव उसे संभाल नहीं पाए। 

अखिलेश यादव ने कई गलत फैसले लिए और फिर उसे उन्हें वापस भी लेना पड़ा। अखिलेश यादव जब 5 साल सत्ता में थे तो वह लैपटॉप और टैबलेट पर मोबाइल गेम खेलते हुए समय बिता दिए। आज अखिलेश यादव जिस तरह के सवाल उठा रहे हैं वह उन्हें शोभा नहीं देता है। जब पूरी दुनिया कोविड से कराह रही थी। हमारे देश के वैज्ञानिकों, डाक्टरों और पीएम मोदी के प्रयास से वैक्सीन आई। उसे समय अखिलेश यादव ने उस वैक्सीन को बीजेपी की वैक्सीन बताया था। 

कैबिनेट मंत्री नंदी ने कहा है कि मुलायम सिंह यादव को मैं धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने वैक्सीन लगवाया। इसके बाद अखिलेश यादव को भी वैक्सीन लगवानी पड़ी। कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने अखिलेश यादव को लेकर कहा है कि उनके साथ टोंटी का भी विवाद जुड़ रहा है और टोंटी कहते ही लोग उनके बारे में बगैर कहे बहुत कुछ समझ जाते हैं। 

उन्होंने कहा है कि जिसकी पहचान इस तरह की हो उसके बारे में मीडिया और आम जनता का समय बर्बाद करना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि कोई व्यक्ति किराए पर रहता है, तो वह सामान्य व्यक्ति भी किराए का घर खाली करते हुए बल्व और टोंटी नहीं निकलता है। लेकिन मुख्यमंत्री आवास खाली करते हुए अखिलेश यादव ऐसा कारनामा भी कर चुके हैं।

यह भी पढ़ें:-एडीजी जोन ने डीआईजी और एसपी के साथ की बैठक, कहा- अपराध नियंत्रण में सक्षम है बहराइच पुलिस, थानाध्यक्षों को दिए सुरक्षा के टिप्स

संबंधित समाचार